मुजफ्फरनगर के चर्चित विकसित उर्फ रॉकी हत्याकांड में पुलिस ने उस महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिसे जांच में पूरे षड्यंत्र की मुख्य कड़ी माना जा रहा है। बेहड़ा अस्सा निवासी रॉकी की कथित पत्नी रेणु को गुरुवार को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, रॉकी को घर से बुलाकर हत्या की साजिश रचने और उसे आरोपियों के संपर्क में लाने में रेणु की अहम भूमिका सामने आई है। मामले की जांच सिखेड़ा पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम कर रही है। बेटे की गिरफ्तारी के बाद जंगल से दबोची गई रेणु पुलिस के मुताबिक बुधवार रात असदनगर-जौली मार्ग पर हुई मुठभेड़ में रेणु के बेटे बादल को गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान रेणु मौके से भाग निकली थी। पुलिस ने रातभर विभिन्न क्षेत्रों में कॉम्बिंग अभियान चलाया और गुरुवार सुबह मिर्जा टिल्ला के जंगल क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस रेणु को बागपत जिले के बड़ौत स्थित उसके मकान पर लेकर पहुंची, जहां घटना से जुड़े साक्ष्यों की तलाश की गई। क्राइम सीन रिक्रिएट कर जुटाए गए साक्ष्य एफएसएल टीम और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में बड़ौत स्थित मकान पर घंटों तक घटनाक्रम को दोबारा समझने और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की गई। पुलिस ने रेणु की निशानदेही पर रॉकी का पर्स, तीन डेबिट कार्ड, नकदी तथा अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। बड़ौत में हत्या, मुजफ्फरनगर में शव ठिकाने लगाने का आरोप सीओ नई मंडी राजू कुमार साव के अनुसार, जांच में सामने आया है कि 18 मई को रेणु रॉकी को अपने साथ बड़ौत स्थित मकान पर ले गई थी। वहां बादल, उसकी पत्नी निशा और अन्य आरोपी मौजूद थे। पुलिस का आरोप है कि वहीं हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। इसके बाद शव को मुजफ्फरनगर लाकर भोपा क्षेत्र के कादीपुर गांव में दफना दिया गया। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि वारदात में किन-किन लोगों की भूमिका रही। फरार आरोपियों की तलाश जारी इससे पहले पुलिस मुठभेड़ के बाद आरोपी मोंटी उर्फ अभि त्यागी को गिरफ्तार कर चुकी है। उसकी निशानदेही पर रॉकी के शव का एक हिस्सा बरामद किया गया था। पुलिस का कहना है कि मामले में नामजद अन्य आरोपियों शुभम और निशा की तलाश की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। 17 दिन बाद भी नहीं मिला सिर हत्याकांड के खुलासे के बाद भी मृतक का सिर बरामद नहीं हो सका है। गुरुवार को पुलिस ने भोपा पुल से जौली पुल तक गंगनहर क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्य जुटाने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।


