पीओके में क्यों भड़की हिंसा? झड़पों में चार पुलिसकर्मियों समेत 11 लोगों की हुई मौत

पीओके में क्यों भड़की हिंसा? झड़पों में चार पुलिसकर्मियों समेत 11 लोगों की हुई मौत

Pakistan-occupied Kashmir: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हो गए। वहीं पुलिस के अनुसार हिंसा में चार पुलिस अधिकारियों की भी मृत्यु हुई है और 23 घायल हैं। दरअसल जाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) नाम के संगठन पर पांच जून को सरकार ने आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगाया था, इससे पीओके में तनाव लगातार बढ़ रहा था। इसे लेकर प्रदर्शन में एक जेएएसी के कार्यकर्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी। इसके बाद प्रदर्शनकारी भड़क गए और पुलिसबलों के साथ उनके झड़प शुरू हो गई। रावलकोट के कमिश्नर सरदार वहीद खान ने बताया कि छह प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। पुलिस ने इसे आतंकवादी हमला करार दिया है। हिंसा में अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

विधानसभा की रिजर्व सीटों पर था विवाद

दरअसल पीओके में हो रहे विधानसभा चुनाव में जेएएसी रिजर्व 12 सीटों को खत्म करने की मांग कर रही है। यह रिजर्व सीटें उन लोगों के लिए हैं जो जम्मू-कश्मीर से 1947,1965 और 1971 के युद्ध के बाद पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बस गए थे। जेएएसी का आरोप है कि आरक्षित सीटों के कारण स्थानीय आबादी को कम प्रतिनिधित्व मिलता है।

27 जुलाई को होने हैं चुनाव…

पीओके में 27 जुलाई को विधानसभा चुनाव होने हैं। यहां कुल 53 सीटें हैं। इनमें 45 सीटों पर सीधे चुनाव होता है जबकि 8 सीटें महिलाएं, धार्मिक विद्वान और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए आरक्षित हैं। 2021 के चुनाव में यहां इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने सरकार बनाई थी।

पाक अधिकृत कश्मीर यानी PoK में विधानसभा का कार्यकाल पांच वर्षों का होता है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में इमरान खान की पार्टी PTI ने 45 में से 25 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। इसके बाद सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी को प्रधानमंत्री बनाया गया। लेकिन अप्रैल 2022 में इमरान खान की संघीय सरकार के पतन का असर PoK की राजनीति पर भी पड़ा और वहां की राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव देखने को मिला

मई 2022 में सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद PTI ने ही सरदार तनवीर इलियास को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया, लेकिन अप्रैल 2023 में PoK उच्च न्यायालय ने उन्हें अदालत की अवमानना के मामले में अयोग्य ठहरा दिया, जिसके चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ा और फिर से नए प्रधानमंत्री के चयन की आवश्यकता पड़ी।

वर्तमान में पाकिस्तान पीपल्स पार्टी की सरकार

इसके बाद PTI के ही चौधरी अनवरुल हक को प्रधानमंत्री बनाया गया, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने इमरान खान और PTI से दूरी बना ली और स्वयं को एक स्वतंत्र राजनीतिक नेता के रूप में स्थापित कर लिया। बाद में नवंबर 2025 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए चौधरी अनवरुल हक को भी पद से हटा दिया गया। वर्तमान में पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के फैसल मुमताज राठौर वहां के नए प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत हैं।

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