White House on Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर चल रही अटकलों के बीच व्हाइट हाउस ने ईरानी सरकारी मीडिया की उस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि दोनों देशों के बीच एक प्रारंभिक समझौते का मसौदा तैयार हो गया है। इस कथित मसौदे में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और क्षेत्र से अमेरिकी सेना की वापसी जैसी बातें कही गई थीं।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया, “ईरानी नियंत्रित मीडिया की यह रिपोर्ट सही नहीं है और जो एमओयू जारी किया गया है, वह पूरी तरह मनगढ़ंत है। किसी को भी ईरानी सरकारी मीडिया के दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। तथ्य मायने रखते हैं।”
ईरानी मीडिया ने क्या दावा किया था?
ईरानी सरकारी टेलीविजन की रिपोर्ट में कहा गया था कि अमेरिका और ईरान के बीच एक अनौपचारिक ढांचे पर चर्चा हुई है, जिसके तहत एक महीने के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही युद्ध-पूर्व स्तर पर बहाल की जाएगी। इसके बदले अमेरिका क्षेत्र से अपनी सैन्य मौजूदगी कम करेगा और कथित नौसैनिक नाकाबंदी हटाएगा।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि इस व्यवस्था में सैन्य जहाज शामिल नहीं होंगे और ईरान, ओमान के साथ मिलकर होर्मुज में जहाजों की आवाजाही की निगरानी करेगा। हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया।
ट्रंप बोले- ‘होर्मुज पर किसी का कंट्रोल नहीं’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र है और किसी एक देश को इस पर नियंत्रण नहीं करने दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा, “यह सभी के लिए खुला रहेगा। कोई इसे कंट्रोल नहीं करेगा। अमेरिका इसकी निगरानी करेगा।”
उन्होंने ओमान को भी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने ईरान के साथ मिलकर जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की कोशिश की तो अमेरिका कड़ी प्रतिक्रिया देगा।
अभी भी जारी है बातचीत
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, लेकिन समझौते को लेकर कई बड़े मुद्दों पर अब भी सहमति नहीं बन सकी है। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण, ईरान का परमाणु कार्यक्रम और अमेरिकी प्रतिबंध प्रमुख हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि बातचीत को अंतिम रूप लेने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं।
दुनिया की नजरें होर्मुज पर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में अमेरिका-ईरान तनाव और इस मार्ग को लेकर जारी विवाद का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक राजनीति पर भी पड़ रहा है।


