जिले में खराब मौसम और बारिश-आंधी की संभावना ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक ओर किसान अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए खरीदी केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्रों की अव्यवस्थाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर रही हैं। बीते दिवस ही में हुई बारिश के कारण कुरई और केवलारी क्षेत्र के कई खरीदी केंद्रों पर खुले में रखा गेहूं भीग गया। पर्याप्त तिरपाल और सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था न होने से किसानों की उपज को भारी नुकसान हुआ है। यह स्थिति तब सामने आई है जब शासन जिले में 78 केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का दावा कर रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 17,145 किसानों से 93,422 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। हालांकि, जमीनी हकीकत इससे भिन्न है। किसानों का आरोप है कि स्लॉट बुकिंग के बावजूद उन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ एक से दो दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के केंद्रों में स्थिति और भी खराब है। प्रशासन द्वारा लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं, लेकिन व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। लखनादौन एसडीएम अर्जुन सिंह ठाकुर ने बम्होड़ी स्थित टीआर यादव वेयरहाउस का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं और केंद्र प्रभारी को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए। इसी क्रम में तहसीलदार दिग्विजय परस्ते ने गणेशगंज केंद्र और नायब तहसीलदार पूजा राय ने आदेगांव पिपरिया केंद्र का निरीक्षण कर मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पानी, छांव और अन्य आवश्यक सुविधाएं बेहतर करने के निर्देश दिए। हालांकि, यह सवाल बना हुआ है कि बार-बार निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर सुधार क्यों नहीं हो रहा है। किसानों का कहना है कि मौसम की मार और प्रशासनिक लापरवाही, दोनों मिलकर उनकी मेहनत को बर्बाद कर रही हैं। यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो किसानों का आक्रोश बढ़ सकता है। जिले में खरीदी केंद्रों की यह बदहाल स्थिति प्रशासनिक दावों की पोल खोल रही है।


