SIP Calculation: अगर आप लॉन्ग टर्म में छोटी-छोटी बचत से बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं, तो एसआईपी में निवेश एक अच्छा विकल्प है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स टार्गेटेड वैल्यू के हिसाब से एसआईपी में निवेश के कई अलग-अलग फॉर्मूले बताते हैं, जिनके जरिए नियमित निवेश से अपने गोल तक पहुंचा जा सकता है। इन्हीं में से एक 15x15x15 का फॉर्मूला है। यह बताता है कि 15,000 रुपये महीने का निवेश लगाकर 15 साल तक करते रहें और 15 फीसदी सालाना रिटर्न मिले, तो मैच्योरिटी पर 1 करोड़ रुपये का फंड बनाया जा सकता है।
क्या है 15x15x15 का फॉर्मूला
इस फॉर्मूले में तीन बार आने वाला 15 तीन अलग-अलग चीजों के बारे में बताता है।
- पहला 15 मतलब हर महीने 15,000 रुपये का SIP निवेश।
- दूसरा 15 मतलब सालाना 15 फीसदी का अनुमानित रिटर्न।
- तीसरा 15 मतलब निवेश की अवधि यानी 15 साल।
हालांकि, लॉन्ग टर्म में SIP से मिलने वाला रिटर्न औसतन 12 फीसदी होता है, लेकिन कई परिस्थितियों में यह 18 से 20 फीसदी तक भी जा सकता है। इस निवेश में सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग का मिलता है। यानी आपके रिटर्न पर भी रिटर्न मिलता रहता है और समय के साथ आपका पैसा तेजी से बढ़ता जाता है।
समझिए कैलकुलेशन
अगर कोई निवेशक इस फॉर्मूले पर चलता है, तो 15 साल में उसका कुल निवेश 27 लाख रुपये होगा। 15 फीसदी सालाना रिटर्न के अनुमान पर कैपिटल गेन यानी मुनाफा करीब 74.53 लाख रुपये बनता है। इस तरह 15 साल बाद निवेशक के हाथ में कुल मिलाकर 1,01,52,946 रुपये होंगे।
| विवरण | राशि |
|---|---|
| मासिक SIP निवेश | ₹15,000 |
| निवेश अवधि | 15 वर्ष |
| अनुमानित वार्षिक रिटर्न | 15% |
| कुल निवेश | ₹27,00,000 |
| अनुमानित पूंजीगत लाभ (Capital Gain) | ₹74,52,946 |
| मैच्योरिटी पर कुल राशि | ₹1,01,52,946 |
SIP में निवेश के फायदे
SIP में निवेश करने के कई फायदे हैं। कंपाउंडिंग की ताकत से छोटी रकम भी लंबे समय में बड़ा फंड बन जाती है। रुपी कॉस्ट एवरेजिंग की वजह से बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम होता है, क्योंकि हर महीने तय रकम लगाने पर कभी ज्यादा और कभी कम यूनिट मिलती हैं। SIP में कोई लॉक-इन पीरियड नहीं होता, निवेशक जरूरत पड़ने पर SIP रोक सकता है, राशि बढ़ा सकता है या पैसे निकाल सकता है।
SIP की शुरुआत 500 रुपये महीने से की जा सकती है और इसमें कोई अधिकतम सीमा नहीं है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि 15 फीसदी सालाना रिटर्न एक अनुमान है, गारंटी नहीं। म्यूचुअल फंड बाजार जोखिम के अधीन होते हैं इसलिए रिटर्न कम या ज्यादा हो सकता है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सूचना मात्र है, यह निवेश की सलाह नहीं है। म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिमभरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)


