पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: कल्याणकारी वादों के बावजूद महिला वोटरों को साधना बीजेपी के लिए क्यों बड़ी चुनौती?

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: कल्याणकारी वादों के बावजूद महिला वोटरों को साधना बीजेपी के लिए क्यों बड़ी चुनौती?

BJP vs TMC Women Vote: बंगाल में करीब दो दर्जन विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर महिला वोटरों की संख्या ज्यादा है। प्रदेश में महिला वोटरों के लिए सभी दल कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान कर रहे हैं। 

BJP Women Voters Challenge: पश्चिम बंगाल में दो चरणों के मतदान को लेकर चुनाव प्रचार चरम पर है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों द्वारा वोटरों को लुभाने के लिए तमाम घोषणाएं की जा रही हैं। इसी कड़ी में महिला वोटरों का अपनी तरफ ध्यान आकर्षित करने के लिए पार्टियां कल्याणकारी योजनाओं का भी ऐलान कर रही हैं। प्रदेश में सत्ता तक पहुंचने के लिए महिला वोटर अहम हैं, ऐसे में सभी दल उनको अपनी तरफ करने की कोशिश कर रहे हैं। 

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी रैली में महिला आरक्षण विधेयक को संसद में गिराने पर विपक्ष पर निशाना साधा है। इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी पर भी आरोप लगाया है और उनको महिला विरोधी बताया है। 

पीएम मोदी ने कहा कि TMC नहीं चाहती थी कि बंगाल की और बेटियां विधायक और सांसद बनें क्योंकि बंगाल की बेटियां उनके महा जंगल राज को चुनौती दे रही थीं। इसलिए, TMC ने कांग्रेस के साथ मिलकर साजिश की और महिलाओं के लिए 33% रिजर्वेशन देने वाले कानून को पास होने से रोक दिया। इसके अलावा रैली में महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का भी ऐलान किया है। 

महिला वोटरों को साधना BJP के लिए क्यों मुश्किल है?

प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 77 सीटों पर कब्जा जमाया था। भले ही बीजेपी ने सत्ता हासिल नहीं की, लेकिन मुख्य विपक्षी दल बना। कांग्रेस और लेफ्ट का खाता भी नहीं खुला। इस बार बीजेपी ममता बनर्जी के किले को ढहाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। 

किसी राज्य में सत्ता बनाने और गिराने में महिला वोटरों का काफी अहम रोल रहा है। बिहार, महाराष्ट्र, और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में महिला वोटरों के दम पर NDA ने अपनी सरकार बनाई है। इसी सोच को लेकर अब बंगाल में बीजेपी काम कर रही है, लेकिन पार्टी के सामने कई चुनौतियाँ हैं…

1- टीएमसी की लोकप्रिय महिला-केंद्रित कल्याण योजनाएं

प्रदेश में ममता बनर्जी की महिलाओं को लेकर चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं को बीजेपी की तरफ से टक्कर नहीं मिल पाई है। हालांकि बीजेपी की मातृ शक्ति वंदन योजना टक्कर नहीं दे पाई है। टीएमसी की लक्ष्मी भंडार योजना ने 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को सत्ता हासिल करने में मदद की थी। 

हालांकि बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में मातृ शक्ति वंदन योजना के तहत नकद प्रोत्साहन राशि को दोगुना करके 3 हजार रुपये देने का वादा किया है। बीजेपी नेताओं ने योजना के तहत योग्य महिलाओं के फॉर्म भरना भी शुरू कर दिया। 

2- ममता बनर्जी की बंगाल की बेटी छवि

प्रदेश की महिलाओं के बीच ममता बनर्जी काफी लोकप्रिय है। ममता सीएम के रूप में बंगाली अस्मिता और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक हैं। उनका नारा ‘बांग्ला निजेर मेयेके चाय’ (बंगाल अपनी बेटी चाहता है) ने विधानसभा चुनाव 2021 में महिलाओं को मजबूती से जोड़ा। 

बीजेपी के पास ममता बनर्जी जैसे लोकल चेहरा भी नहीं है, जो महिलाओं में काफी लोकप्रिय हो। 

3- मुस्लिम महिला वोटरों पर पकड़ कम

प्रदेश में मुस्लिम महिला वोटरों पर बीजेपी की पकड़ कम मानी जाती है। दरअसल, बंगाल में मुस्लिम वोटरों कई विधानसभा सीटों पर प्रभाव डालते है। राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो मुस्लिम वोटरों की वजह से ही ममता बनर्जी ने 2021 के चुनाव में जीत हासिल की थी। 

4- चुनाव में महिला उम्मीदवार कम उतारना

पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने 52 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया है। ममता बनर्जी की इस रणनीति के पीछे सोच है कि वे चुनाव में महिला वोटरों को आकर्षित करेंगी। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने महज 33 महिलाओं को टिकट दिया है। यह कुल उम्मीदवारों का करीब 11.22 प्रतिशत है। हालांकि पिछले चुनाव में बीजेपी में 13% महिला प्रत्याशी उतारी थी। 

5- महिलाओं के टीएमसी को मिलते हैं सबसे ज्यादा वोट

दिल्ली की सेंटर फार स्टडी आफ डेवलपिंग सोसाइटीज (सीएसडीएस) ने साल 2019 में एक रिपोर्ट में कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ऐसी है, जिसे पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के वोट ज्यादा मिलते हैं। 

हालांकि इस बार प्रदेश में टीएमसी पर बीजेपी महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर पाने का भी आरोप लगा रही है। आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले को लेकर भी ममता पर निशाना साध रही है। 

बीजेपी ने महिलाओं पर किया फोकस

प्रदेश में बीजेपी ने महिला वोटरों पर खासा फोकस किया है, यही वजह है कि अपने घोषणापत्र में महिलाओं के लिए काफी कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान किया है। अपने घोषणापत्र में पार्टी ने वादा किया है कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार आने पर गरीब महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा अन्य कई कल्याणकारी योजनाओं का भी ऐलान किया है। 

इन राज्यों में महिला कल्याणकारी योजनाओं से बनी सरकार

दरअसल, कई राज्यों में महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने वाली योजनाओं का चुनाव में असर देखा गया है, जिससे बीजेपी को बड़ा फायदा हुआ है। मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना ने बड़ी भूमिका निभाई और बीजेपी सत्ता में लौटी। इसी तरह महाराष्ट्र में लाड़की बहिन योजना ने भी NDA को जीत दिलाई। 

इसी तरह बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले 1.40 करोड़ महिलाओं के खाते में 10-10 हजार की रकम भेजी गई थी। इसने प्रदेश में एनडीए की सत्ता में वापसी में अहम भूमिका निभाई थी।

  

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