शेखपुरा में भीषण गर्मी के कारण उत्पन्न जल संकट को देखते हुए जिलाधिकारी शेखर आनंद ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने आम लोगों से पानी बर्बाद न करने की अपील की। जिलाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के सहयोग से गर्मी में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी पत्रकारों को दी। उन्होंने पेयजल आपूर्ति की समस्या या खराब चापाकल के लिए सहयोग पोर्टल और पीएचईडी के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन समस्याओं को 24 से 72 घंटे के भीतर हल किया जाएगा। लोगों को पानी उपलब्ध कराया जा रहा जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के माध्यम से 692 पेयजल आपूर्ति योजनाएं संचालित हैं। इनके जरिए गर्मी के मौसम में लोगों को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इन पेयजल आपूर्ति योजनाओं की निगरानी और मरम्मत के लिए 32 टीमें कार्यरत हैं। उन्होंने जिले में चापाकलों की स्थिति के बारे में भी जानकारी दी। जिले में कुल 11,234 चापाकल हैं, जिनमें से 9,754 चालू स्थिति में हैं। सभी खराब चापाकलों की मरम्मत के लिए प्रत्येक प्रखंड में 27 टीमें सक्रिय हैं। पिछले महीने इन टीमों ने 584 खराब चापाकलों को ठीक कर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की। अरियरी और चेवाड़ा प्रखंडों में भूगर्भ जल स्तर काफी नीचे जिलाधिकारी ने शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर 18100231122 और 06341223262 के साथ-साथ सहयोग पोर्टल का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अरियरी और चेवाड़ा प्रखंडों की भौगोलिक स्थिति अलग है, जहां भूगर्भ जल स्तर काफी नीचे है। इससे इन क्षेत्रों में पेयजल की समस्या अधिक है। जिला प्रशासन इन समस्याओं को दूर करने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता और जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार भी उपस्थित थे। शेखपुरा में भीषण गर्मी के कारण उत्पन्न जल संकट को देखते हुए जिलाधिकारी शेखर आनंद ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने आम लोगों से पानी बर्बाद न करने की अपील की। जिलाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के सहयोग से गर्मी में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी पत्रकारों को दी। उन्होंने पेयजल आपूर्ति की समस्या या खराब चापाकल के लिए सहयोग पोर्टल और पीएचईडी के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन समस्याओं को 24 से 72 घंटे के भीतर हल किया जाएगा। लोगों को पानी उपलब्ध कराया जा रहा जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के माध्यम से 692 पेयजल आपूर्ति योजनाएं संचालित हैं। इनके जरिए गर्मी के मौसम में लोगों को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इन पेयजल आपूर्ति योजनाओं की निगरानी और मरम्मत के लिए 32 टीमें कार्यरत हैं। उन्होंने जिले में चापाकलों की स्थिति के बारे में भी जानकारी दी। जिले में कुल 11,234 चापाकल हैं, जिनमें से 9,754 चालू स्थिति में हैं। सभी खराब चापाकलों की मरम्मत के लिए प्रत्येक प्रखंड में 27 टीमें सक्रिय हैं। पिछले महीने इन टीमों ने 584 खराब चापाकलों को ठीक कर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की। अरियरी और चेवाड़ा प्रखंडों में भूगर्भ जल स्तर काफी नीचे जिलाधिकारी ने शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर 18100231122 और 06341223262 के साथ-साथ सहयोग पोर्टल का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अरियरी और चेवाड़ा प्रखंडों की भौगोलिक स्थिति अलग है, जहां भूगर्भ जल स्तर काफी नीचे है। इससे इन क्षेत्रों में पेयजल की समस्या अधिक है। जिला प्रशासन इन समस्याओं को दूर करने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता और जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार भी उपस्थित थे।


