न्यू मुल्लांपुर स्टेडियम में ‘वॉल ऑफ फेम’ स्थापित:33 क्रिकेटरों की तस्वीरें लगाई गईं, शुभमन गिल, युवराज-हरमनप्रीत कौर को मिली जगह

न्यू मुल्लांपुर स्टेडियम में ‘वॉल ऑफ फेम’ स्थापित:33 क्रिकेटरों की तस्वीरें लगाई गईं, शुभमन गिल, युवराज-हरमनप्रीत कौर को मिली जगह

मुल्लांपुर स्थित न्यू चंडीगढ़ क्रिकेट स्टेडियम में पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) ने पंजाब के खेल इतिहास को सहेजने के लिए ‘वॉल ऑफ फेम’ स्थापित की है। इस वॉल पर पंजाब के उन 33 दिग्गज क्रिकेटरों की तस्वीरें लगाई गई हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश-दुनिया में राज्य का नाम रोशन किया है। इसमें भारतीय टीम के वनडे और टी-20 विश्व कप जीतने के ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षणों की ग्रुप फोटोज को भी जगह दी गई है। पंजाब का गौरव बढ़ाने वाली महिला क्रिकेटरों को इस वॉल पर खास स्थान दिया गया है, ताकि महिला क्रिकेट को और बढ़ावा मिल सके। शुभमन गिल, युवराज और हरमनप्रीत की तस्वीरें शामिल हैं। इसका उद्घाटन बीसीसीआई (BCCI) अध्यक्ष मिथुन मन्हास और पीसीए के मानद सचिव गुरमीत सिंह मीत हेयर ने किया। इस मौके पर पीसीए के संयुक्त सचिव सिद्धांत शर्मा भी मौजूद रहे। इसमें भारतीय टीम के वनडे और टी-20 विश्व कप जीतने के ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षणों की ग्रुप फोटोज को भी जगह दी गई है। छह विश्व कप अपने नाम किए देश के क्रिकेट इतिहास का जिक्र करते हुए अधिकारियों ने बताया कि भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों ने अब तक कुल 6 विश्व कप अपने नाम किए हैं। इनमें तीन वनडे विश्व कप (दो पुरुष और एक महिला) तथा तीन टी-20 विश्व कप (2007, 2024 और 2026) शामिल हैं। पंजाब की ऐतिहासिक जीतों को भी संजोया गया है। वॉल ऑफ फेम में सिर्फ व्यक्तिगत खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि पंजाब टीम की ऐतिहासिक जीतों की यादों को भी ताजा किया गया है। सत्र 1992-93 में रणजी ट्रॉफी जीतने वाली पंजाब टीम के यादगार पल तथा साल 2022-23 में इस ट्रॉफी पर कब्जा जमाने वाली पंजाब की विजेता टीम की तस्वीरें शामिल हैं। पंजाब के क्रिकेटरों पर गर्व पीसीए के सचिव गुरमीत सिंह मीत हेयर ने कहा, “हमें पंजाब के क्रिकेटरों की उपलब्धियों पर गर्व है। यह ‘वॉल ऑफ फेम’ राज्य की समृद्ध खेल विरासत को संजोने का एक प्रयास है, ताकि युवा खिलाड़ी इनसे प्रेरणा ले सकें। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि देश के खेल इतिहास में पंजाब का योगदान हमेशा अमर रहे।” बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मनहास ने पीसीए की इस अनूठी पहल की जमकर तारीफ की। उन्होंने इसे खेल इतिहास को जीवंत रखने के लिए एक गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक कदम बताया।

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