Natural Health Wellness: आजकल लोग विटामिन D, कैल्शियम और मल्टीविटामिन सप्लीमेंट्स पर हजारों रुपये खर्च कर रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि संतुलित डाइट, धूप, फल-सब्जियां और नियमित व्यायाम से शरीर को कई जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स प्राकृतिक रूप से मिल सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स और WHO के अनुसार, सप्लीमेंट्स केवल डॉक्टर की सलाह पर लेने चाहिए, क्योंकि जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है।
विटामिन D के लिए धूप क्यों जरूरी है
धूप और मिट्टी का स्पर्श
- हड्डियों के लिए विटामिन डी के लिए सुबह की धूप लें, शरीर अपना विटामिन डी खुद बना लेगा।
- नंगे पैर घास पर चलना मानसिक शांति और हल्की फिजिकल एक्टिविटी के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन शरीर को मिनरल्स मुख्य रूप से भोजन से ही मिलते हैं। (NIH — Vitamin D and Sunlight)
कौन से फल और सब्जियां हैं नेचुरल विटामिन स्रोत
- ताजे फल, सब्जियां और अनाज विटामिन्स का सबसे अच्छा स्रोत हैं। इनसे हमें लगभग सभी जरूरी विटामिन्स (जैसे A, B, C, E, K) और मिनरल्स आसानी से मिल जाते हैं।
- घर के गमलों में पालक, मेथी, पुदीना या धनिया उगाना बेहद आसान है। इनमें बाजार की सब्जियों से कहीं ज्यादा प्राकृतिक विटामिन और मिनरल्स होते हैं।
आसपास की जंगली पत्तियां
- हरी पत्तेदार सब्जियां, सहजन, बथुआ और अमरूद जैसे खाद्य पौधे विटामिन C, A और एंटीऑक्सीडेंट्स के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। ये हमारी सेहत के लिए प्राकृतिक फिल्टर का काम करते हैं।
- घर या गांव के आसपास मिलने वाले सहजन, बथुआ, बेर, जामुन और अमरूद विटामिन्स से भरे होते हैं और मुफ्त मिल जाते हैं।
शुद्ध हवा और व्यायाम
- शुद्ध हवा फेफड़ों को साफ रखकर शरीर को ऑक्सीजन देती है।
- पार्क में टहलने, योग, व्यायाम करने से शरीर हमेशा चुस्त और दुरुस्त रहता है।
- इन आदतों से हमारा शरीर प्रकृति से मिलने वाले विटामिन्स और मिनरल्स पूरी तरह से सोख पाता है।
सप्लीमेंट्स की रेस में ये देश हैं आगे
सबसे बड़ा बाजार: सप्लीमेंट्स और विटामिन्स की खपत में अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है, जो 100 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा का है। इस रेस में चीन दूसरे नंबर पर आता है।
प्रति व्यक्ति खर्च: विटामिन्स पर प्रति व्यक्ति खर्च में नॉर्वे दुनिया में सबसे आगे है। इसके बाद कनाडा, उरुग्वे, स्वीडन और फिनलैंड जैसे देश आते हैं।
कितने लोग खाते हैं: अमेरिका में 79% लोग सप्लीमेंट्स लेते हैं। इटली में 73% है। भारत में भी इसका चलन तेजी से बढ़ रहा है।


