कटनी के इंदिरा नगर में दलित समुदाय के वैवाहिक कार्यक्रम में हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को अजाक्स और भीम आर्मी ने कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने करीब एक घंटे तक मुख्य द्वार को घेरे रखा और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बता दें कि, यह घटना 20 अप्रैल 2026 की है, जब मैहर के अमदरा से आई बारात में शामिल लोगों पर पुलिसकर्मियों ने हमला किया था। एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग प्रदर्शनकारी संगठनों ने ज्ञापन देकर लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों और उनके साथ आए सिविल ड्रेस वाले व्यक्तियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। संगठनों ने दोषी कर्मियों को तत्काल बर्खास्त करने और घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने का आग्रह किया है। इसके अलावा, पीड़ित पक्ष के राहुल चौधरी व अन्य पर दर्ज मुकदमों को खारिज करने की मांग भी की गई है। सीएसपी ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया प्रदर्शन की उग्रता को देखते हुए CSP नेहा पच्चीसिया मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न संगठनों द्वारा की गई शिकायतों और मांग पत्र की बारीकी से जांच की जा रही है। सीएसपी ने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। एसपी पर जातिगत भेदभाव का आरोप भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष चंद्रभान बौद्ध ने प्रदर्शन के दौरान एसपी पर भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बहोरीबंद में स्टाफ द्वारा रिश्वत लेने पर दलित थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया, जबकि कुठला में लाठीचार्ज के बावजूद सामान्य वर्ग के प्रभारी पर कार्रवाई नहीं की गई। इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। बारातियों पर लाठीचार्ज से भड़का आक्रोश शिकायत के अनुसार, 20 अप्रैल को इंदिरा नगर पहुंची बारात के दौरान बिना किसी ठोस कारण के बारातियों पर बल प्रयोग किया गया था। इस घटना में कई लोग घायल हुए थे, जिसके बाद से ही दलित संगठनों में आक्रोश व्याप्त है। संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे।


