JDU Legislature Party Meeting: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने आज अपने विधायक दल की एक अहम बैठक बुलाई है। नीतीश कुमार के इस्तीफा और राज्यसभा जाने के बाद से यह पद खाली है। जिसके लिए आज एक अणे मार्ग स्थित सरकारी आवास पर मीटिंग होगी। इस मीटिंग में विधायक दल के नए नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।
विजय कुमार चौधरी सबसे आगे
राजनीतिक गलियारों में जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी का। सूत्रों के मुताबिक, वह नीतीश कुमार की पहली पसंद हैं। विजय चौधरी को नेता नियुक्त करने के पक्ष में कई मजबूत तर्क हैं। उन्हें नीतीश कुमार के सबसे पुराने और सबसे वफादार सहयोगियों में से एक माना जाता है। इसके अलावा, उनके पास विधानसभा अध्यक्ष और विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों को संभालने का अनुभव है।
बिजेंद्र यादव और अन्य नामों पर भी चर्चा
वैसे तो विधायक दल के नेता के लिए विजय चौधरी का नाम सबसे आगे है, लेकिन वरिष्ठता के नाते बिजेंद्र प्रसाद यादव का नाम भी चर्चाओं से बाहर नहीं है। वहीं, पार्टी का एक वर्ग किसी चौंकाने वाले नाम की भी उम्मीद कर रहा है, ताकि भविष्य की राजनीति के लिए एक नया संदेश दिया जा सके। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद चर्चा थी की निशांत कुमार सरकार में शामिल होंगे और उन्हें ही विधायक दल का नेता चुना जाएगा, हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि फिलहाल वो सरकार में आने के इच्छुक नहीं है, वो अभी जनता के बीच जाएंगे और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करेंगे।
एक्टिव मोड में नीतीश के बेटे निशांत
इधर, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की भूमिका को लेकर भी पार्टी के अंदर काफी उत्सुकता है। रविवार को निशांत ने जदयू मुख्यालय में मंडल-स्तरीय पदाधिकारियों के साथ एक बैठक की। जहां संगठन को मजबूत करने पर चर्चा हुई। निशांत कुमार ने बिहार के सभी 38 जिलों के दौरे का ऐलान किया है, जिसे पार्टी के भविष्य के उत्तराधिकारी के तौर पर उनकी तैयारी माना जा रहा है।
नीतीश कुमार करेंगे बैठक की अध्यक्षता
भले ही नीतीश कुमार अब राज्यसभा सदस्य हो गए हों, लेकिन जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष वही हैं और आज की बैठक की अध्यक्षता वे स्वयं करेंगे। पार्टी के नेताओं का मानना है कि विधायक दल का नेता भले ही कोई भी हो, लेकिन जदयू का रिमोट और मार्गदर्शन नीतीश कुमार के पास ही रहेगा। आज की बैठक में वे विधायकों को एनडीए गठबंधन के साथ सामंजस्य बिठाने और आगामी चुनौतियों के लिए तैयार रहने का मंत्र देंगे।


