Pachpadra Refinery : पीएम नरेन्द्र मोदी 21 अप्रेल को पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन कर देश और प्रदेश को ऐतिहासिक सौगात देंगे। बालोतरा जिले के पचपदरा में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित रिफाइनरी लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने जनसभा स्थल पर विशेष और आधुनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। तेज गर्मी को ध्यान में रखते हुए आमजन की सुविधा और सुरक्षा के लिए मिस्ट सिस्टम, कूलर, पेयजल और छाछ जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी गई है, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को राहत मिल सके।
हर ब्लॉक में पानी, कूलर और वॉलंटियर रहेंगे तैनात
जिला कलक्टर सुशील कुमार यादव ने बताया कि जनसभा स्थल पर पहली बार मिस्ट सिस्टम लगाया जा रहा है, जो हवा में महीन जल कणों का छिड़काव कर तापमान को कम करेगा। इसके साथ ही बड़ी संख्या में डेजर्ट कूलर भी लगाए जा रहे हैं, जिससे सभा स्थल का तापमान बाहरी वातावरण की तुलना में कम रहेगा और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
प्रशासन की ओर से पेयजल की व्यापक व्यवस्था की गई है। प्रत्येक ब्लॉक में 20 से 25 पानी के कैम्पर उपलब्ध रहेंगे और पानी पिलाने के लिए पर्याप्त संख्या में वॉलंटियर तैनात किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए सभी आगंतुकों को छाछ उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे लोगों को ठंडक मिल सके।
पार्किंग और सभा स्थल के बीच कम दूरी पर फोकस
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के आगमन को देखते हुए पार्किंग स्थलों को सुव्यवस्थित ढंग से चिन्हित किया गया है। प्रशासन ने ऐसी व्यवस्था की है कि किसी भी दिशा से आने वाले लोगों को आधे किलोमीटर से कम दूरी तक ही पैदल चलना पड़े, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष सुविधा मिल सके।
जिला प्रशासन की ओर से बहुआयामी तैयारियों के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
पचपदरा : भारी मात्रा में डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल उत्पाद भी निकलेंगे
उल्लेखनीय है कि पचपदरा रिफाइनरी से मुख्य ईंधन के अतिरिक्त भारी मात्रा में डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल उत्पाद निकलेंगे, जो आगामी औद्योगिक इकाइयों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे माल का कार्य करेंगे। पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीथीन (एचडीपीई/एलएलडीपीई), बेंजीन, टोलुइन और ब्यूटाडाईन जैसे उप-उत्पादों के आधार पर क्षेत्र में व्यापक सहायक उद्योग स्थापित होंगे।
इन कच्चे माल के प्रसंस्करण से घरेलू और औद्योगिक उपयोग के विविध उत्पाद जैसे प्लास्टिक फर्नीचर, कृषि पाइप, पैकेजिंग फिल्म्स, ऑटोमोबाइल के डैशबोर्ड एवं बंपर, सिंथेटिक फाइबर, मेडिकल सीरिंज और पेंट-डिटर्जेंट जैसे रसायनों का बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव होगा। यह ईको-सिस्टम न केवल रिफाइनरी की उपयोगिता बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर वैल्यू-एडेड उत्पादों के निर्माण से राजस्थान को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करेगा।


