Jaipur News: जयपुर सेंट्रल जेल में आरएसी जवान की गोली लगने से संदिग्ध मौत, हादसा या सुसाइड? जांच जारी

Jaipur News: जयपुर सेंट्रल जेल में आरएसी जवान की गोली लगने से संदिग्ध मौत, हादसा या सुसाइड? जांच जारी

जयपुर। जयपुर सेंट्रल जेल के टावर पर तैनात एक आरएसी जवान की गोली लगने से रविवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। जेल के बाहर बने अस्थायी बैरक में आरएसी जवान की सर्विस राइफल से गोली चल गई। अचानक गोली की आवाज सुनकर जेल के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, जहां पर आरएसी जवान लहूलुहान हालत में पड़ा मिला।

गंभीर हालत में जवान को सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए है। पुलिस को उनके पास किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। इस संबंध में जेल प्रशासन की ओर से लालकोठी थाने में मामला दर्ज करवाया गया है। पुलिस हादसा और आत्महत्या दोनों एंगल से जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि गिरधारी लाल गुर्जर (38) कुशलपुरा रायसर जमवारामगढ़ के रहने वाले थे। उनी रविवार को टॉवर नम्बर 2 पर सुबह 9 से 1 बजे तक ड्यूटी थी। सुबह मैस से खाना खाकर ड्यूटी पर गए थे।

टावर से हैड कांस्टेबल सगत सिंह को सूचना मिली थी कि गिरधरी लाल टॉवर से नीचे गिर गए। यह देख जेल कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो वह लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़े मिले। सर्विस राइफल की गोली गिरधारी लाल के सीने में लगी थी। जेल कर्मचारियों ने घायल गिरधारी लाल को सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचाया, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गिरधारी लाल के सीने में उनकी सर्विस राइफल से निकली बुलेट लगी थी। गिरधारी लाल ने गोली खुद चलाई है या गलती से चल गई, पुलिस इसकी जांच कर रही है।

दोनों पहलू पर जांच

पुलिस की प्रारम्भिक जांच में सामने आया है कि जवान ने खुद के सीने में गोली मारकर आत्महत्या की। उसने राइफल को जमीन पर रखकर बैरल को छाती पर लगाकर ट्रिगर दबाया। दूसरा एंगल यह भी है कि असावधानी के चलते राइफल का ट्रिगर दबा उस वक्त बैरल सीने की ओर था, जिससे गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस दोनों एंगलों को जांच के दायरे में लेकर राइफल की एफएसएल जांच करवा रही है।

9 साल से थे नौकरी में

गिरधारी लाल आरएसी के 10वीं बटालियन में 9 साल से तैनात थे। संयुक्त परिवार में रहते थे। एक बेटा सागर (17) और बेटी आरती (15) है। एसएमएस अस्पताल के मुर्दाघर में आए साथियों ने बताया कि गिरधारी लाल का स्वभाव बहुत अच्छा था। वह हर किसी के लिए तैयार खड़े रहते थे।

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