क्लब में सिगरेट मांगने के विवाद में भाजपा युवा मोर्चा नेता शिवम सिंह हत्याकांड के बाद आखिरकार एसीपी विभूति खंड और इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की गई। शनिवार रात मुख्यमंत्री योगी की कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक के बाद लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए एसीपी विभूतिखंड को हटा दिया है, जबकि विभूतिखंड और गोमतीनगर विस्तार के इंस्पेक्टरों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
सौम्या पांडे को अतिरिक्त प्रभार दिया गया
पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सिंह सेंगर ने एसीपी विभूतिखंड विनय द्विवेदी को ट्रैफिक विभाग भेज दिया। उनकी जगह सौम्या पांडेय को विभूतिखंड सर्किल की कमान सौंपी गई है। सौम्या पांडेय को सोशल मीडिया सेल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
वहीं विभूतिखंड थाना प्रभारी अमर सिंह को हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। उनकी जगह उपेंद्र सिंह को नया प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। गोमतीनगर विस्तार के इंस्पेक्टर सुधीर कुमार अवस्थी को भी लाइन हाजिर किया गया है और उनकी जगह गौरव बाजपेयी को थाने की जिम्मेदारी दी गई है।
शिवम सिंह हत्याकांड के बाद बढ़ा था दबाव 25 मई को विभूतिखंड क्षेत्र में भाजपा युवा मोर्चा नेता शिवम सिंह की हत्या ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। शुरुआती जांच में सामने आया था कि मामूली विवाद के बाद शिवम पर हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद भाजपा संगठन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे।
मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ा तो पुलिस मुख्यालय तक रिपोर्ट तलब की गई। इसके बाद लगातार अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर मंथन चल रहा था।
सिर्फ शिवम हत्याकांड नहीं, कई घटनाओं से घिरी रही पुलिस मई के अंतिम सप्ताह में राजधानी में एक के बाद एक कई चर्चित घटनाएं हुईं। पीजीआई क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की दिनदहाड़े हत्या, यूपीएससी छात्रा गैंगरेप प्रकरण, गोमतीनगर विस्तार में सैलून मैनेजर आत्महत्या मामला और लूट-छिनैती की घटनाओं ने पुलिसिंग पर सवाल खड़े कर दिए।
सबसे ज्यादा दबाव पीजीआई इलाके में हुए संदीप सिंह हत्याकांड को लेकर है। घटना के कई दिन बाद भी शूटरों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस और एसटीएफ की टीमें जांच में जुटी हैं, लेकिन अब तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है।
सीएम की समीक्षा के बाद हुआ एक्शन सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम को ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कानून-व्यवस्था की समीक्षा की थी। बैठक में बड़े शहरों में बढ़ते अपराध और पुलिस की जवाबदेही का मुद्दा प्रमुखता से उठा था। इसके बाद लखनऊ कमिश्नरेट ने संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों के प्रदर्शन की समीक्षा की और कार्रवाई का फैसला लिया।
चौकी प्रभारियों तक पहुंच सकती है कार्रवाई पुलिस महकमे के सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई अभी शुरुआत भर है। शिवम सिंह हत्याकांड और अन्य मामलों में पुलिस की भूमिका की समीक्षा जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कुछ चौकी प्रभारियों और अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।


