अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में आज श्रद्धा और भक्ति के साथ कई धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इस मौके पर भगवान विष्णु के बद्रीनारायण स्वरूप का भव्य श्रृंगार भी किया गया। मंदिर न्यास ने परंपरा निभाते हुए आज से श्रावण मास तक भगवान विश्वनाथ के शिवलिंग पर ‘कुंवरा’ की व्यवस्था शुरू की है। इसका उद्देश्य लगातार जलाभिषेक करना होता है, जो हर साल किया जाता है। फलों के रस से हुआ विशेष अभिषेक मध्यान्ह भोग आरती के दौरान भगवान विश्वेश्वर का फलों के रस से विशेष अभिषेक भी किया गया। गर्मी को देखते हुए धाम में आए श्रद्धालुओं और वहां काम कर रहे लोगों को बेल, नींबू और दही से बने ठंडे शरबत का वितरण किया गया। गर्मी से मिले राहत मंदिर सीईओ विश्व भूषण मिश्रा ने कहा – हमारा प्रयास है कि इस चिलचिलाती गर्मी में भक्तों को आध्यात्मिक और मानसिक शीतलता प्राप्त हो। भगवान विश्वेश्वर को जो कुछ भी अर्पित किया जाता है, उसका प्रभाव उनके भक्तों पर अवश्य पड़ता है। यह अभिषेक न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि एक गहन आध्यात्मिक अनुभूति भी है।


