US-Iran Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच भले ही सीजफायर चल रहा हो लेकिन दोनों देशों के बीच जंग की आशंका बढ़ गई है। दरअसल, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रही है। यह जानकारी न्यूज एजेंसी Axios ने दी है। इस संबंध में CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक ब्रीफिंग देने वाले हैं। यह ब्रीफिंग CENTCOM द्वारा तैयार की गई एक योजना पर आधारित होगी। इस बैठक में जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन भी शामिल होंगे।
CENTCOM की योजना में ईरान पर ‘छोटे लेकिन बहुत प्रभावी’ हमलों की संभावना शामिल है। इन हमलों में कुछ महत्वपूर्ण ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है, ताकि रुकी हुई संघर्ष विराम की स्थिति को बदलने की कोशिश की जा सके।
इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण लेकर उसे व्यापारिक जहाजों के लिए खोलने की बात शामिल है। तीसरा हिस्सा एक विशेष सैन्य अभियान है, जिसमें ईरान के पास मौजूद अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को सुरक्षित करने की कोशिश की जाएगी।
ईरान पर नाकेबंदी से पड़ रहा दबावः डोनाल्ड ट्रंप
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए नाकेबंदी जारी रहेगी। उन्होंने मानना है कि यह तरीका बमबारी से भी ज्यादा असरदार है और इससे ईरान पर बहुत दबाव पड़ रहा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को पहले अमेरिका की शर्तें माननी होंगी, तभी बातचीत या प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है। एक्सियोस की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं होता है, तो ट्रंप सैन्य कार्रवाई पर भी विचार कर सकते हैं।
अमेरिका की शर्तें मानने के लिए ईरान तैयार नहीं
दूसरी तरफ, एक थिंक टैंक इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वार (Institute for the Study of War) के अनुसार ईरान इस समय अमेरिका की शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं है। ईरान का मानना है कि वह होर्मुज स्ट्रेट और अपने परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण नहीं छोड़ेगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान कुछ नया प्रस्ताव लाने की कोशिश कर सकता है, जिसमें ओमान को शामिल करके इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने की योजना हो सकती है।
डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान पर लगाई गई समुद्री नाकेबंदी ‘बहुत शानदार’ है और इससे ईरान पर बड़ा दबाव बन रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की सेना दुनिया में सबसे ताकतवर है और ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने दिए जाएंगे।


