US Forces Board Oil Tanker: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में एक बड़ा समुद्री अभियान चलाया है। अमेरिकी सेना ने एक ऐसे तेल टैंकर को रोककर उसकी तलाशी ली, जिस पर ईरानी कच्चा तेल ले जाने का आरोप है और जिस पर पहले से अमेरिकी प्रतिबंध लगे हुए हैं।
अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड (US Indo-Pacific Command) ने शुक्रवार को इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि अमेरिकी बलों ने हिंद महासागर में मौजूद एमटी डेविना (MT Davina) नामक जहाज पर चढ़कर चेकिंग की।
अमेरिकी सेना ने क्या कहा?
अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिकी बलों ने प्रतिबंधित और ‘स्टेटलेस’ यानी किसी देश में आधिकारिक रूप से पंजीकृत नहीं माने जाने वाले जहाज एमटी डेविना पर समुद्री कार्रवाई की।
अमेरिकी सेना ने इस ऑपरेशन की तस्वीरें और वीडियो भी जारी किए हैं। कमांड ने कहा कि ईरान को सहायता पहुंचाने वाले अवैध नेटवर्क और जहाजों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, चाहे वे दुनिया के किसी भी हिस्से में क्यों न हों।
क्यों निशाने पर था एमटी डेविना?
एमटी डेविना पर अमेरिका ने वर्ष 2024 में प्रतिबंध लगाए थे। अमेरिकी वित्त विभाग (US Treasury) का आरोप था कि यह जहाज ईरान से कच्चा तेल लेकर चीन तक पहुंचाने के काम में शामिल रहा है।
अमेरिका लंबे समय से ईरान के तेल निर्यात पर प्रतिबंध लागू करता रहा है और उन कंपनियों, जहाजों तथा व्यक्तियों पर भी कार्रवाई करता है जो प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हैं।
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में शुरू हुए अमेरिका-इजराइल और ईरान से जुड़े संघर्ष के बाद क्षेत्र में समुद्री गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।
बताया गया है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास नौसैनिक प्रतिबंध लगाए थे। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है।
इसके जवाब में अमेरिका ने भी ईरानी बंदरगाहों और समुद्री गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी थी। कई जहाजों के मार्ग बदले गए और कुछ मामलों में समुद्री कार्रवाई भी की गई।
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर नजर
हिंद महासागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर दुनिया भर की नजर बनी हुई है। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री तनाव और बढ़ता है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक व्यापार मार्गों पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई पर ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, इस घटनाक्रम ने एक बार फिर क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को सुर्खियों में ला दिया है।


