औरंगाबाद शहर में मैट्रिक कंपार्टमेंटल परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स ने जमकर हंगामा किया। सेंटर पर लेट से पहुंचने पर एंट्री नहीं दी गई, जिसके बाद हंगामा शुरू कर दिया। मामला नदी घाटी स्थित किशोरी सिन्हा मध्य विद्यालय का है। छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए आयोजित की जाती है जो बोर्ड एग्जाम में एक या दो पेपर में फेल हो जाते हैं। ऐसे में इस परीक्षा का महत्व छात्रों के लिए काफी अधिक होता है, क्योंकि यह उनके पूरे एक साल के भविष्य से जुड़ा होता है। सिर्फ 1 मिनट लेट हुआ था रोहित कुमार ने बताया कि मेरे एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र का नाम स्पष्ट रूप से अंकित नहीं था, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। किसी और की गलती की सजा हम भुगत रहे हैं। एडमिट कार्ड पर किशोरी सिन्हा प्लस टू उच्च विद्यालय लिखा था। जबकि औरंगाबाद में इसी नाम से एक महाविद्यालय दानी बीघा में भी है, वो ज्यादा फेमस है। ऑटो चालक मुझे पहले वहीं लेकर गया था। वहां बताया गया कि उनका केंद्र वहां नहीं है। रास्ते में ट्रैफिक जाम के कारण यहां पहुंचने में एक मिनट लेट हो गया। अब पूरा साल बर्बाद हो जाएगा छात्रा रितिका कुमारी ने बताया कि सिर्फ दो मिनट लेट थीं, बावजूद इसके अंदर नहीं जाने दिया गया। अब पूरा साल बर्बाद हो जाएगा। ट्रैफिक के कारण लेट हो गई, इसमें हमारी क्या गलती है। प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग हंगामा कर रहे छात्रों का आरोप है कि जहां एक ओर उन्हें मामूली देरी पर प्रवेश से रोक दिया गया, वहीं कुछ शिक्षक खुद देर से पहुंचे। उन्हें बिना किसी रोक-टोक के अंदर जाने दिया गया। इस दोहरे रवैये से आक्रोश है। प्रशासन से इस मामले में संवेदनशीलता बरतने और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है। औरंगाबाद शहर में मैट्रिक कंपार्टमेंटल परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स ने जमकर हंगामा किया। सेंटर पर लेट से पहुंचने पर एंट्री नहीं दी गई, जिसके बाद हंगामा शुरू कर दिया। मामला नदी घाटी स्थित किशोरी सिन्हा मध्य विद्यालय का है। छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए आयोजित की जाती है जो बोर्ड एग्जाम में एक या दो पेपर में फेल हो जाते हैं। ऐसे में इस परीक्षा का महत्व छात्रों के लिए काफी अधिक होता है, क्योंकि यह उनके पूरे एक साल के भविष्य से जुड़ा होता है। सिर्फ 1 मिनट लेट हुआ था रोहित कुमार ने बताया कि मेरे एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र का नाम स्पष्ट रूप से अंकित नहीं था, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। किसी और की गलती की सजा हम भुगत रहे हैं। एडमिट कार्ड पर किशोरी सिन्हा प्लस टू उच्च विद्यालय लिखा था। जबकि औरंगाबाद में इसी नाम से एक महाविद्यालय दानी बीघा में भी है, वो ज्यादा फेमस है। ऑटो चालक मुझे पहले वहीं लेकर गया था। वहां बताया गया कि उनका केंद्र वहां नहीं है। रास्ते में ट्रैफिक जाम के कारण यहां पहुंचने में एक मिनट लेट हो गया। अब पूरा साल बर्बाद हो जाएगा छात्रा रितिका कुमारी ने बताया कि सिर्फ दो मिनट लेट थीं, बावजूद इसके अंदर नहीं जाने दिया गया। अब पूरा साल बर्बाद हो जाएगा। ट्रैफिक के कारण लेट हो गई, इसमें हमारी क्या गलती है। प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग हंगामा कर रहे छात्रों का आरोप है कि जहां एक ओर उन्हें मामूली देरी पर प्रवेश से रोक दिया गया, वहीं कुछ शिक्षक खुद देर से पहुंचे। उन्हें बिना किसी रोक-टोक के अंदर जाने दिया गया। इस दोहरे रवैये से आक्रोश है। प्रशासन से इस मामले में संवेदनशीलता बरतने और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है।


