UP बोर्ड की नई पहल, अब घर बैठे मंगवाएं किताबें, जानें कहां से करना होगा ऑर्डर

UP बोर्ड की नई पहल, अब घर बैठे मंगवाएं किताबें, जानें कहां से करना होगा ऑर्डर

प्रयागराज: यूपी बोर्ड से पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए बोर्ड ने नई पहल शुरू की है। बताया जा रहा है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (UP board) ने छात्र-छात्राओं को सस्ते दामों पर किताबें उपलब्ध कराने के लिए अब ऑनलाइन व्यवस्था शुरू कर दी है। इस सुविधा के शुरू होने से छात्र घर बैठे ऑनलाइन आर्डर करके किताबें प्राप्त कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि यूपी बोर्ड ने छात्रों को आसानी से पुस्तक के उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस पहल की शुरुआत की है।

इस वेबसाइट से करें ऑर्डर

माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने छात्र-छात्राओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए pioneerbooks.in नमक एक पोर्टल की शुरुआत की है। इस पोर्टल पर प्रत्येक कक्षा के अनुसार किताबों का सेट उपलब्ध कराया गया है। छात्र इस पोर्टल पर जाकर अपनी कक्षा के अनुसार किताबों का सेट चयन कर सकते हैं और इसे Amazon पर जाकर ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं। यूपी बोर्ड ने बताया है कि यह प्रक्रिया काफी सरल और सहज है, जिससे छात्रों को इसका फायदा मिलेगा।

36 विषयों की 70 पुस्तकें उपलब्ध

यूपी बोर्ड की मानें तो शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए नौवीं और दसवीं तथा 11वीं और 12वीं के लिए 36 विषयों की कुल 70 एनसीईआरटी की पुस्तकें सस्ते दामों पर उपलब्ध कराई हैं। छात्र अपने विषय से संबंधित सभी पुस्तक ऑनलाइन माध्यम से ऑर्डर कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि इसकी होम डिलीवरी का कोई चार्ज नहीं लगेगा और यह पूर्णत: नि:शुल्क होगी। इन पुस्तकों में गणित, सामाजिक विज्ञान, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, गृह विज्ञान जैसे कई विषय शामिल किए गए हैं। यही नहीं, 9वीं से 12वीं तक परिषद द्वारा विकसित हुई हिंदी संस्कृत और उर्दू की 12 पाठ्य पुस्तक भी उपलब्ध कराई है।

इन संस्थाओं को मिली अहम जिम्मेदारी

अधिकारियों की मानें तो यूपी बोर्ड का उद्देश्य प्रदेश के सभी सरकारी, गैर सरकारी और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को सस्ते दामों पर पुस्तक उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। बताया जा रहा है कि इन पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन और वितरण के लिए बोर्ड ने तीन अधिकृत संस्थाओं को जिम्मेदारी दी है। इन संस्थानों में पायनियर प्रिंटर्स एंड पब्लिशर्स, पीतांबरा बुक्स प्राइवेट लिमिटेड और सिंघल एजेंसी शामिल है। बताया जा रहा की बोर्ड की यह पहल विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगी।

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