Inside Story: क्या बीजेपी से डर गए अभिषेक बनर्जी के करीबी? जानें चुनाव से पहले जहांगीर खान ने आखिर क्यों पीछे खींचे कदम

Inside Story: क्या बीजेपी से डर गए अभिषेक बनर्जी के करीबी? जानें चुनाव से पहले जहांगीर खान ने आखिर क्यों पीछे खींचे कदम

Falta Assembly Seat: पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर दोबारा मतदान से ठीक पहले टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव से हटने का ऐलान कर सियासी हलचल बढ़ा दी है। ईवीएम विवाद के बाद 21 मई को पुनर्मतदान होना है, जबकि बीजेपी और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। 

Falta Assembly Seat: पश्चिम बंगाल की राजनीति मंगलवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। फाल्टा विधानसभा सीट पर मतदान से पहले TMC प्रत्याशी जहांगीर खान चुनाव से अलग होने का फैसला किया है। वोटिंग से 48 घंटे पहले चुनाव से हटने के फैसले के बाद प्रदेश में राजनीति तेज हो गई है। हालांकि इस पर टीएमसी की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। टीएमसी ने इसे जहांगीर का निजी फैसला बताया है। जहांगीर खान टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के करीबी हैं।

क्यों हो रहे दोबारा चुनाव

बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को फाल्टा विधानसभा सीट पर चुनाव हुआ था, लेकिन वोटिंग के दौरान कुछ बूथों पर EVM में बीजेपी के बटन के पर टेप चिपका मिला हुआ था। इसके बाद चुनाव आयोग ने जांच कर दोबारा 21 मई को दोबारा मतदान करने का आदेश दिए। परिणाम 24 मई को आएगा। 

क्या डर गए जहांगीर? 

विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद टीएमसी नेता जहांगीर खान के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए। हालांकि इसके बाद TMC नेता ने कलकत्ता हाई कोर्ट की ओर रूख किया और कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मामलों का खुलासा किया जाए। वहीं कोर्ट ने जहांगीर को राहत देते हुए उन्हें 25 मई तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। 

भले ही कोर्ट ने जहांगीर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी लेकिन उनके साढू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। 

इसके अलावा चुनाव से हटने के ऐलान के समय उन्होंने प्रदेश के नए सीएम शुभेन्दु अधिकारी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि CM शुभेन्दु यहां के लिए स्पेशल पैकेज दे रहे हैं, इसलिए मैं चुनाव से हट रहा हूं। 

सीएम शुभेन्दु ने जहांगीर को दी थी चेतावनी

बता दें कि बीजेपी प्रत्याशी देवांग्शु पांडा के समर्थन में सीएम शुभेन्दु अधिकारी ने रोड शो किया था। इस दौरान उन्होंने जहांगीर खान को कड़े शब्दों में चेतावनी भी दी थी। उन्होंने कहा कि खुद को पुष्पा कहता है, अब पुष्पा की जिम्मेदारी मेरे ऊपर है। 

हालांकि जिस समय शुभेन्दु रोड शो कर रहे थे, उसी समय जहांगीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव से हटने का ऐलान किया। इसके बाद शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि उनके पास और रास्ता ही क्या था? 

दवाब में आकर छोड़ रहे मैदान

जहांगीर खान के चुनाव से हटने के बाद टीएमसी की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद फालता सीट पर हमारे 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। बीजेपी दवाब की राजनीति कर रही है, लेकिन इसके बाद भी हम बीजेपी की डराने वाली राजनीति का मुकाबला कर रहे हैं। हालांकि कुछ लोग दवाब में आकर मैदान छोड़ रहे हैं। हम इसकी निंदा करते हैं। 

जानें अब क्या होगा? 

जहांगीर खान ने चुनाव से हटने का फैसला ले लिया हो, लेकिन आधिकारिक रूप से चुनाव से नाम वापस लेना संभव नहीं है। क्योंकि नाम वापस लेने की आखिरी तारीख समाप्त हो गई है। हालांकि ईवीएम में जहांगीर के नाम और पार्टी के सिंबल में भी कोई बदलाव नहीं होगा। अब सीट पर कांग्रेस की तरफ से अब्दुर रज्जाक, बीजेपी प्रत्याशी  देवांग्शु पांडा और सीपीआई (एम) प्रत्याशी शुंभु नाथ कुर्मी चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर 21 मई को वोटिंग होगी और 24 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

  

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