UP Board Class 10 Toppers 2026 उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) द्वारा घोषित हाईस्कूल परीक्षा 2026 के परिणामों में एक बार फिर बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इस वर्ष की मेरिट सूची में सीतापुर की कशिश वर्मा और बाराबंकी की अंशिका वर्मा ने 97.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।
बेटियों का दबदबा बरकरार
यूपी बोर्ड के इस वर्ष के परिणामों में छात्राओं का दबदबा साफ नजर आया है। टॉप-10 की सूची में अधिकांश स्थान बेटियों ने हासिल किए हैं, जो यह दर्शाता है कि प्रदेश में बालिका शिक्षा लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। सीतापुर और बाराबंकी जैसे जिलों से आने वाली कशिश और अंशिका ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और लगन से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
टॉपर्स की सूची पर एक नजर
प्रथम स्थान: कशिश वर्मा (सीतापुर) – 97.83%
प्रथम स्थान (संयुक्त): अंशिका वर्मा ( बाराबंकी ) – 97.83%
द्वितीय स्थान: अदिति (बाराबंकी) – 97.50%
तृतीय स्थान (संयुक्त):
अर्पिता (सीतापुर) – 97.33%
ऋषभ साहू (झांसी) – 97.33%
परी वर्मा (बाराबंकी) – 97.33%
इन सभी विद्यार्थियों ने कठिन परिश्रम और अनुशासन के साथ पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया है।

स्कूलों का भी शानदार प्रदर्शन
- इस वर्ष के परिणामों में कुछ स्कूलों का विशेष योगदान देखने को मिला।
- बाराबंकी का द मॉडर्न एकेडमी इंटर कॉलेज
सीतापुर का बाबूराम सावित्री देवी इंटर कॉलेज - इन संस्थानों के छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने स्कूल और जिले का नाम रोशन किया है।
स्कूलों में जश्न का माहौल
जैसे ही परिणाम घोषित हुए, टॉपर्स के स्कूलों और घरों में खुशी की लहर दौड़ गई। छात्र-छात्राओं के परिजनों, शिक्षकों और दोस्तों ने मिठाई बांटकर और एक-दूसरे को बधाई देकर इस सफलता का जश्न मनाया। टॉपर्स के सम्मान में स्कूलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां उन्हें सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
मेहनत और अनुशासन का परिणाम
टॉपर्स का कहना है कि उनकी सफलता का राज नियमित पढ़ाई, समय प्रबंधन और शिक्षकों का मार्गदर्शन रहा है। कशिश वर्मा ने बताया कि उन्होंने रोजाना एक निश्चित समय तक पढ़ाई की और कठिन विषयों पर विशेष ध्यान दिया। वहीं अंशिका वर्मा ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर अपनी पढ़ाई पर पूरा फोकस रखा।
परिवार और शिक्षकों का योगदान
हर सफल छात्र के पीछे उसके परिवार और शिक्षकों का बड़ा योगदान होता है। टॉपर्स के अभिभावकों ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों को हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और उन्हें सकारात्मक माहौल दिया। वहीं शिक्षकों ने भी समय-समय पर मार्गदर्शन देकर छात्रों को सही दिशा दिखाई।
बेटियों की सफलता का संदेश
इस परिणाम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है, जो समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह बेटियों को प्रोत्साहन मिलता रहा, तो आने वाले समय में वे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करेंगी।
शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया
शिक्षा विभाग ने सभी सफल छात्र-छात्राओं को बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के परिणाम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की मेहनत का प्रमाण हैं। हाईस्कूल के बाद छात्रों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यहीं से उनके करियर की दिशा तय होती है।
- विज्ञान, कला या वाणिज्य संकाय का चयन
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
करियर के लक्ष्य तय करना - इन सभी फैसलों में छात्रों को सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत होती है।


