उन्नाव की एक युवती की गोली मारकर हत्या करने के बाद उसके शव को बुलंदशहर में फेंक दिया गया था। जहांगीराबाद के खलोर स्टेडियम के पास मिले इस शव की पहचान उसकी नाक की नथनी से हुई है। पुलिस ने लावारिस शव का अंतिम संस्कार कर दिया था, लेकिन पहचान के लिए नथनी और डीएनए सैंपल सुरक्षित रखे थे। युवती की मां ने 25 मई को बर्रा थाने में उन्नाव के शेखपुर स्थित उत्तम हॉस्पिटल के संचालक देवकांत उत्तम और उसके भतीजे व एंबुलेंस चालक विवेक पटेल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी 21 वर्षीय बेटी ने 19 मई को सदर कोतवाली में नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ शारीरिक शोषण की शिकायत दर्ज कराई थी। मैसेज कर मिलने बुलाया था मां के अनुसार, नर्सिंग होम संचालक के भतीजे विवेक ने उनकी बेटी को मोबाइल पर मैसेज कर 21 मई को मिलने बुलाया था। बेटी उससे मिलने गई, जिसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और वह लापता हो गई। इसके बाद बर्रा थाने में अपहरण और हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने विवेक पटेल को हैलट अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में विवेक ने युवती की गोली मारकर हत्या करने और शव को बुलंदशहर में फेंकने की बात कबूल की। हालांकि, पुलिस को शुरुआत में शव के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी। हॉस्पिटल संचालक ने किया था सरेंडर पुलिस नर्सिंग होम संचालक देवकांत उत्तम की तलाश कर रही थी। दबाव बढ़ने पर मंगलवार को उसने बर्रा थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की, लेकिन वे गुमराह करते रहे। शव की बरामदगी के लिए पुलिस की एक टीम विवेक को लेकर बुलंदशहर रवाना हुई है। एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने बताया कि शव की पहचान के लिए कई टीमें काम कर रही थीं। उन्होंने पुष्टि की कि लावारिस शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया था, लेकिन उसकी नाक की नथनी और डीएनए सैंपल सुरक्षित रखे गए थे। परिजनों ने नथनी की पहचान कर ली है, और अब डीएनए मिलान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।


