उन्नाव साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़े मेट्रोमोनियल फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने ठगी की शिकार एक महिला के खाते में 35,11,101 रुपये की राशि वापस कराई है। यह कार्रवाई एसएसपी के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी व क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में की गई। यह मामला सिविल लाइंस निवासी श्रीमती विनीता द्विवेदी से संबंधित है। उन्होंने 17 जनवरी 2026 को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ठगों ने मेट्रोमोनियल वेबसाइट के जरिए शादी का झांसा देकर उनसे अलग-अलग बहानों और रीति-रिवाजों के नाम पर कुल 75,11,353 रुपये ट्रांसफर करा लिए थे। शुरुआत में विनीता द्विवेदी को इस धोखाधड़ी का अंदाजा नहीं हुआ। लगभग 45 दिन बाद जब उन्हें सच्चाई का पता चला, तो उन्होंने पुलिस से मदद की गुहार लगाई। प्राप्त तहरीर के आधार पर साइबर क्राइम थाना उन्नाव में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराया गया और बैंक अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर धनराशि की रिकवरी प्रक्रिया तेज की गई। कड़ी मेहनत और तकनीकी विश्लेषण के जरिए पुलिस टीम ने ठगी की रकम में से 35,11,101 रुपये पीड़िता के खाते में वापस कराए। शेष धनराशि की बरामदगी के लिए पुलिस की कार्रवाई अभी जारी है। सीओ साइबर विनी सिंह ने बताया कि इस तरह के मामलों में समय पर शिकायत करना बेहद जरूरी होता है, जिससे अधिक से अधिक रकम वापस कराई जा सके। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक राजेश पाठक, निरीक्षक राजेश मिश्रा, उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र, मुख्य आरक्षी अजय पाल, तरुण कुमार सिंह, राधेश्याम, कंप्यूटर ऑपरेटर प्रियांशी यादव, आरक्षी शमसुद्दीन, महिला आरक्षी अर्चना पांडेय, मोनू यादव, संजय राजभर और विपिन दांगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


