केंद्रीय मंत्री और भाजपा के बंगाल चुनाव पर्यवेक्षक भूपेंद्र यादव मंगलवार को देवघर पहुंचे। उनके साथ गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे भी थे। यह दौरा पश्चिम बंगाल चुनाव की सरगर्मी के बीच हुआ है। देवघर पहुंचने के बाद भूपेंद्र यादव सीधे सत्संग आश्रम गए। वहां उन्होंने आचार्य देव से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चुनावी माहौल में धार्मिक स्थलों का दौरा और आध्यात्मिक गुरुओं से मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जाता है। देवघर का सत्संग आश्रम देशभर के नेताओं के लिए आस्था का केंद्र रहा है, जहां चुनाव से पहले कई नेता आशीर्वाद लेने आते रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े नेता ने सत्संग आश्रम का दौरा किया हो। इससे पहले असम विधानसभा चुनाव के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी यहां आकर आचार्य देव का आशीर्वाद लिया था। भूपेंद्र यादव का यह दौरा भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देवघर में बढ़ती इस राजनीतिक हलचल से स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल चुनाव का प्रभाव अब झारखंड के इस धार्मिक शहर तक भी पहुंच गया है। आने वाले दिनों में अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के भी देवघर आने की संभावना है, जिससे यहां की राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के बंगाल चुनाव पर्यवेक्षक भूपेंद्र यादव मंगलवार को देवघर पहुंचे। उनके साथ गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे भी थे। यह दौरा पश्चिम बंगाल चुनाव की सरगर्मी के बीच हुआ है। देवघर पहुंचने के बाद भूपेंद्र यादव सीधे सत्संग आश्रम गए। वहां उन्होंने आचार्य देव से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चुनावी माहौल में धार्मिक स्थलों का दौरा और आध्यात्मिक गुरुओं से मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जाता है। देवघर का सत्संग आश्रम देशभर के नेताओं के लिए आस्था का केंद्र रहा है, जहां चुनाव से पहले कई नेता आशीर्वाद लेने आते रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े नेता ने सत्संग आश्रम का दौरा किया हो। इससे पहले असम विधानसभा चुनाव के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी यहां आकर आचार्य देव का आशीर्वाद लिया था। भूपेंद्र यादव का यह दौरा भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देवघर में बढ़ती इस राजनीतिक हलचल से स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल चुनाव का प्रभाव अब झारखंड के इस धार्मिक शहर तक भी पहुंच गया है। आने वाले दिनों में अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के भी देवघर आने की संभावना है, जिससे यहां की राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।


