स्कूटर बिक्री सालाना 9%, बाइक की 4% बढ़ने का अनुमान:महिला वर्कफोर्स बढ़ने का असर; बाइक से ज्यादा बिकेंगे स्कूटर

स्कूटर बिक्री सालाना 9%, बाइक की 4% बढ़ने का अनुमान:महिला वर्कफोर्स बढ़ने का असर; बाइक से ज्यादा बिकेंगे स्कूटर

देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में ऐतिहासिक बदलाव आने वाला है। मौजूदा ट्रेंड संकेत दे रहे हैं कि अगले 10 साल में स्कूटरों की बिक्री मोटरसाइकिलों से ज्यादा होने लगेगी। तेज शहरीकरण, कार्यबल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और दोपहिया वाहनों का तेज इलेक्ट्रिफिकेशन इसके प्रमुख कारण होंगे। इक्विरस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 से 2030 के बीच स्कूटरों की बिक्री हर साल औसतन 9% बढ़ने का अनुमान है। इसके उलट मोटरसाइकिलों की बिक्री में सालाना औसत वृद्धि सिर्फ 4% ही रहने की संभावना है। इस अंतर की सबसे बड़ी वजह इलेक्ट्रिक दोपहिया (ईवी) का तेज विस्तार है, जहां स्कूटरों ने पकड़ मजबूत कर ली है। ईवी – 4 साल में स्कूटर की पहुंच 38% तक होगी – इलेक्ट्रिक दोपहिया की बाजार हिस्सेदारी अभी 10% से कम, 2030 तक इसके 19% और 2040 तक 50% से अधिक होने की उम्मीद है। – टू-व्हीलर सेगमेंट में इलेक्ट्रिक स्कूटर सबसे आगे रहेंगे। अनुमान है कि 2030 तक इनकी पैठ 38% और 2040 तक 80% हो जाएगी। – रेंज की चिंता और ज्यादा कीमतों की वजह से इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल की पैठ 2030 तक मात्र 5% तक ही रहने की संभावना जताई गई है। पुरानी गाड़ी के बदले नई खरीदने का ट्रेंड जोर पकड़ रहा, मांग बढ़ी रिपोर्ट के मुताबिक, आगामी वर्षों में भारत में पुरानी गाड़ी के बदले नई खरीदने का ट्रेंड बढ़ेगा। टीवीएस मोटर के सीएमडी सुदर्शन वेणु ने बताया है कि स्कूटरों ने दो साल असाधारण तेजी दिखाई। यह ट्रेंड जारी रहेगा। अभी ग्रामीण इलाकों और एंट्री-लेवल सेगमेंट में मोटरसाइकिलों का दबदबा है, लेकिन शहरी भारत की प्राथमिकताएं स्कूटरों की ओर शिफ्ट हो रही हैं।

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