Donald Trump UNGA 2026 Speech: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक मंच पर अमेरिका की ताकत और आर्थिक समृद्धि के बारे में बात की। दुनिया भर के नेताओं की मौजूदगी में, ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन ने पिछली सरकार से विरासत में मिले ‘डार्क एज’ को खत्म कर दिया है और देश को ‘गोल्डन एज’ में बदल दिया है। उन्होंने दावा किया कि आज नए जोश और शक्ति से लैस अमेरिका की संपत्ति, ताकत, जज्बे और रफ्तार से पूरी दुनिया आगे बढ़ रही है।
अमेरिका अब सुनहरे दौर में : डोनाल्ड ट्रंप
संयुक्त राष्ट्र के मंच से राष्ट्राध्यक्षों को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें पिछली सरकार से एक अंधेरा दौर विरासत में मिला था, जिसे उन्होंने अपने कार्यकाल में सुनहरे दौर में बदल दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब नई ऊर्जा और अपार शक्ति से भरा हुआ है और दुनिया उसकी आर्थिक समृद्धि, क्षमताओं और सकारात्मक गति से लाभ उठा रही है। ट्रंप ने कहा कि घरेलू मुद्दों को सुलझाने में उन्होंने जो संकल्प और गति दिखाई, वही वैश्विक परिदृश्य को बदलने और लंबे समय से चली आ रही गंभीर समस्याओं को हल करने में भी अपनाई गई।
दूसरे लोग सिर्फ बातें करते थ, मैंने शांति कायम की : डोनाल्ड ट्रंप
अपनी वैश्विक कूटनीति पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि खतरों को नजरअंदाज करना या समस्याओं को भविष्य के लिए टालना उनके स्वभाव में नहीं है, क्योंकि अनसुलझे मुद्दे और अधिक जटिल हो जाते हैं। अपना रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि जब दूसरे लोग सिर्फ बातें कर रहे थे, तब उन्होंने ठोस कदम उठाए और जब दूसरे लोग शांति के बारे में भाषण दे रहे थे, तब उन्होंने वास्तव में शांति स्थापित की।
डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि जब दूसरे लोग खतरों से मुंह मोड़ रहे थे, तब अमेरिका ने उनका डटकर सामना किया और ऐसे समय में जब दुनिया साहस और ताकत के खोखले वादे कर रही थी, अमेरिका ने अपनी असली ताकत दिखाई और दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के रूप में अपनी पहचान बनाई।
मौका निकल रहा, यही फैसला लेने का वक्त: डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह हॉल में मौजूद कई प्रमुख वैश्विक नेताओं को बहुत करीब से जानते हैं। उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे इस बात को समझें कि आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती और दुनिया को सुरक्षित, बेहतर और अधिक समृद्ध बनाने का मौका तेजी से हाथ से निकल रहा है। इसलिए, खतरों से पीछे हटने के बजाय, सभी वैश्विक ताकतों को इस मौके का पूरा फायदा उठाने के लिए तुरंत और निर्णायक रूप से आगे आना चाहिए।

