बालाघाट में व्यापारियों ने यूपीआई (UPI) लेनदेन पर लगाए गए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क का विरोध किया है। हाल ही में वित्त मंत्रालय के 2 हजार रुपए से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क लगाने के फैसले से नाराज व्यापारी मंगलवार शाम 5 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने अपर कलेक्टर डी.पी. बर्मन को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर इस शुल्क को तुरंत वापस लेने की मांग की। कान्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अध्यक्ष भवानीप्रसाद टेकरीवाल ने कहा कि 2 हजार रुपए से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर चार्ज लगाने से छोटे और बड़े दोनों तरह के व्यापारियों को सीधा नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले डिजिटल और कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई शुरू किया था, लेकिन अब इस तरह का शुल्क लगाने से फिर से कैश लेनदेन की स्थिति पैदा हो जाएगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि यूपीआई पर किसी भी तरह का टैक्स या चार्ज न लगाया जाए। चेंबर ऑफ कॉमर्स का विरोध चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अभय सेठिया ने 2 हजार रुपए के भुगतान पर एमडीआर शुल्क लगाने के फैसले को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही यह कह रही हो कि यह शुल्क सिर्फ व्यापारियों पर लागू होगा और जनता पर नहीं, लेकिन व्यापारी भी एक उपभोक्ता ही होता है। अंततः इसका वित्तीय बोझ ग्राहकों पर ही पड़ेगा। उन्होंने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार कर इसे जल्द से जल्द वापस लेने की अपील की।

