Gaza Medical Relief: गाजा पट्टी में इस समय हालात बेहद दर्दनाक हैं। अस्पतालों में न तो दवाइयां (Medicines) बची हैं और न ही घायलों को लाने के लिए एम्बुलेंस। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के सामने हर मिनट किसी न किसी की जान बचाने की बड़ी चुनौती है। ऐसे समय में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने बड़ी राहत भेजी है।
UAE ने 40 टन मेडिकल सामान और 4 एंबुलेंस गाजा के स्वास्थ्य सिस्टम की मदद के लिए भेजी हैं। यह मदद अस्पतालों में इलाज को आसान बनाने और गंभीर मरीजों को जल्दी सुविधा देने के लिए दी गई है। यह पूरी सहायता UAE के ऑपरेशन गैलेंट नाइट 3 (Operation Gallant Knight 3) अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत गाजा को लगातार मानवीय मदद दी जा रही है।
40 टन दवाइयां और अत्याधुनिक एम्बुलेंस गाजा पहुंचीं
इस मदद के तहत गाजा पट्टी में 40 टन से ज्यादा जरूरी मेडिकल सप्लाई यानी दवाइयां और इलाज का सामान पहुंचाया गया है। इसके साथ ही जमीन पर घायलों को तुरंत राहत देने के लिए चार नई और आधुनिक एम्बुलेंस भी गाजा के स्वास्थ्य विभाग को सौंपी गई हैं। यह मदद ऐसे समय पर आई है जब गाजा के अस्पताल बुनियादी चीजों के लिए तरस रहे हैं। इन नई गाड़ियों और दवाओं की मदद से अब वहां की मेडिकल टीमें आपातकालीन हालातों में ज्यादा तेजी से काम कर सकेंगी और घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा।
‘ऑपरेशन शिवल्रस नाइट 3’ के तहत मिली बड़ी राहत
यूएई की तरफ से भेजी गई यह पूरी मदद उसके खास मानवीय मिशन का हिस्सा है, जिसे ‘ऑपरेशन शिवल्रस नाइट 3’ (Operation Chivalrous Knight 3) या ‘ऑपरेशन गैलेंट नाइट 3’ नाम दिया गया है। जब से गाजा में यह संकट शुरू हुआ है, तब से यूएई लगातार वहां के प्रभावित परिवारों की मदद कर रहा है। यूएई सरकार का कहना है कि वे गाजा के लोगों की तकलीफों को कम करने और उन्हें हर मुमकिन राहत देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
दिन-रात काम कर रहे डॉक्टरों को मिलेगी बड़ी ताकत
गाजा के डॉक्टर और नर्स बिना सोए, चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। चिकित्सा संसाधनों की भारी कमी के कारण वे चाहकर भी कई मरीजों की जान नहीं बचा पा रहे थे। यूएई से मिले इस नए मेडिकल कंवाय (राहत काफिले) के बाद वहां के अस्पतालों को बहुत बड़ी ताकत मिलेगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि दवाओं की इस खेप से आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार होगा और जरूरतमंदों को तुरंत इलाज मिल सकेगा। यूएई लगातार गाजा में स्वास्थ्य, भोजन और राहत सामग्री के जरिए लोगों के जख्मों पर मरहम लगाने की कोशिश कर रहा है।



