गयाजी स्थिति मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने डाक्टर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नर्सिंग स्टाफ का आरोप है कि छह महिला नर्सिंग स्टाफ को ऑन-ड्यूटी डॉक्टर ने न केवल सरेआम गंदी गालियां दीं, बल्कि मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए बेहद अश्लील और अभद्र टिप्पणियां कीं। घटना के बाद गुस्साए नर्सिंग स्टाफ ने काम ठप कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वे धरने पर बैठी हैं। पीड़ित नर्सिंग स्टाफ कुमारी गुड़िया भारती ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि हम लोग कल नाइट ड्यूटी में थे। डॉ नंदकिशोर राउंड पर आए। अमूमन वो कभी राउंड पर नहीं आते हैं। कल आए तो वो डॉक्टर वाले एप्रन या ड्रेस कोड में भी नहीं थे। फिर भी सम्मान करते हुए हम छह नर्स उनके साथ राउंड पर गईं। रात के 12 बजे जब राउंड खत्म हुआ, तो 7 घंटे से लगातार काम कर रही एक सिस्टर ने कहा कि वह पानी पीने और वॉशरूम जा रही है। उसने बकायदा दूसरी सिस्टर को हैंडओवर दिया। वार्ड खाली नहीं छोड़ा। नर्सों को गालियां देने का लगाया आरोप गुड़िया भारती ने बताया कि जैसे ही वह सिस्टर गई, डॉक्टर आगबबूला हो गए और चिल्लाने लगे कि वह सिस्टर क्यों नहीं है। मुझे वही चाहिए, तुम क्यों आई हो। तुम जाओ यहां से। जब नर्सों ने समझाने की कोशिश की कि 12 घंटे की ड्यूटी में क्या उन्हें 1 मिनट के लिए वॉशरूम जाने की भी इजाजत नहीं है। तो डॉक्टर ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। पब्लिक प्लेस में, मरीजों और तीमारदारों के सामने नर्सों को गालियां दी गईं। मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पीड़ित नर्स ने कहा कि कल रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक हम ड्यूटी पर थे। चिकित्सा कर्मचारी संघ की अध्यक्ष श्वेता कुमारी ने भी आक्रोश जताते हुए कहा, डॉक्टर ने जो शब्द बोले हैं। उन्हें हम ऑन-कैमरा बोल भी नहीं सकते। ये डॉक्टर आए दिन किसी न किसी महिला स्टाफ को टारगेट करते हैं। नर्सों का दावा- आंदोलन जारी अस्पताल के कार्यकारी अधीक्षक पीके अग्रवाल ने कैमरे पर कहा कि मामला पूरी तरह से खत्म हो गया है। रात में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के बीच कुछ आपस में अभद्र व्यवहार का मामला था। सुबह कुछ देर काम बाधित हुआ था, लेकिन अब सब नॉर्मल है। ओपीडी और इमरजेंसी चल रही है। जब कार्यकारी अधीक्षक से पूछा गया कि क्या कार्रवाई हुई, तो उन्होंने कहा कि स्पष्टीकरण मांगा गया है और जांच कमेटी बनाई गई है। वहीं नर्सिंग संघ की अध्यक्ष श्वेता कुमारी ने अधीक्षक के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कार्यकारी अधीक्षक ने डॉक्टर को वहां से हटाकर सिर्फ ब्लड बैंक में शिफ्ट कर दिया है और एक दिन का वेतन काटा है। यह कोई सजा नहीं बल्कि औपचारिकता है। हमारा विरोध प्रदर्शन अभी खत्म नहीं हुआ है और हम ड्यूटी पर वापस नहीं गए हैं। जब तक डॉक्टर सस्पेंड या बर्खास्त नहीं होता है। हमारा आंदोलन जारी रहेगा। गयाजी स्थिति मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने डाक्टर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नर्सिंग स्टाफ का आरोप है कि छह महिला नर्सिंग स्टाफ को ऑन-ड्यूटी डॉक्टर ने न केवल सरेआम गंदी गालियां दीं, बल्कि मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए बेहद अश्लील और अभद्र टिप्पणियां कीं। घटना के बाद गुस्साए नर्सिंग स्टाफ ने काम ठप कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वे धरने पर बैठी हैं। पीड़ित नर्सिंग स्टाफ कुमारी गुड़िया भारती ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि हम लोग कल नाइट ड्यूटी में थे। डॉ नंदकिशोर राउंड पर आए। अमूमन वो कभी राउंड पर नहीं आते हैं। कल आए तो वो डॉक्टर वाले एप्रन या ड्रेस कोड में भी नहीं थे। फिर भी सम्मान करते हुए हम छह नर्स उनके साथ राउंड पर गईं। रात के 12 बजे जब राउंड खत्म हुआ, तो 7 घंटे से लगातार काम कर रही एक सिस्टर ने कहा कि वह पानी पीने और वॉशरूम जा रही है। उसने बकायदा दूसरी सिस्टर को हैंडओवर दिया। वार्ड खाली नहीं छोड़ा। नर्सों को गालियां देने का लगाया आरोप गुड़िया भारती ने बताया कि जैसे ही वह सिस्टर गई, डॉक्टर आगबबूला हो गए और चिल्लाने लगे कि वह सिस्टर क्यों नहीं है। मुझे वही चाहिए, तुम क्यों आई हो। तुम जाओ यहां से। जब नर्सों ने समझाने की कोशिश की कि 12 घंटे की ड्यूटी में क्या उन्हें 1 मिनट के लिए वॉशरूम जाने की भी इजाजत नहीं है। तो डॉक्टर ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। पब्लिक प्लेस में, मरीजों और तीमारदारों के सामने नर्सों को गालियां दी गईं। मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पीड़ित नर्स ने कहा कि कल रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक हम ड्यूटी पर थे। चिकित्सा कर्मचारी संघ की अध्यक्ष श्वेता कुमारी ने भी आक्रोश जताते हुए कहा, डॉक्टर ने जो शब्द बोले हैं। उन्हें हम ऑन-कैमरा बोल भी नहीं सकते। ये डॉक्टर आए दिन किसी न किसी महिला स्टाफ को टारगेट करते हैं। नर्सों का दावा- आंदोलन जारी अस्पताल के कार्यकारी अधीक्षक पीके अग्रवाल ने कैमरे पर कहा कि मामला पूरी तरह से खत्म हो गया है। रात में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के बीच कुछ आपस में अभद्र व्यवहार का मामला था। सुबह कुछ देर काम बाधित हुआ था, लेकिन अब सब नॉर्मल है। ओपीडी और इमरजेंसी चल रही है। जब कार्यकारी अधीक्षक से पूछा गया कि क्या कार्रवाई हुई, तो उन्होंने कहा कि स्पष्टीकरण मांगा गया है और जांच कमेटी बनाई गई है। वहीं नर्सिंग संघ की अध्यक्ष श्वेता कुमारी ने अधीक्षक के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कार्यकारी अधीक्षक ने डॉक्टर को वहां से हटाकर सिर्फ ब्लड बैंक में शिफ्ट कर दिया है और एक दिन का वेतन काटा है। यह कोई सजा नहीं बल्कि औपचारिकता है। हमारा विरोध प्रदर्शन अभी खत्म नहीं हुआ है और हम ड्यूटी पर वापस नहीं गए हैं। जब तक डॉक्टर सस्पेंड या बर्खास्त नहीं होता है। हमारा आंदोलन जारी रहेगा।


