डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के दूसरी बार अमेरिका (United States Of America) का राष्ट्रपति बनने के बाद से ही ड्रग्स तस्करी (Drugs Trafficking) के खिलाफ अभियान जारी है। गौरतलब है कि अमेरिका में ड्रग्स की बढ़ती लत एक बड़ी समस्या है, जिसके जाल में युवा फंसते जा रहे हैं। ऐसे में अमेरिकी सेना ने ड्रग्स की तस्करी को रोकने के लिए सख्त रुख अपना रखा है और इसी के तहत 3 जून को एक बार फिर अमेरिकी सेना की साउथर्न कमांड (Southcom) के जनरल फ्रांसिस डोनोवन (Francis Donovan) के निर्देश पर जॉइंट टास्क फोर्स साउथर्न स्पीयर यूनिट ने पैसिफिक सागर क्षेत्र में मिसाइल अटैक को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
पानी में बह गए ड्रग्स, दो नार्को-आतंकियों की हुई मौत
अमेरिकी सेना की साउथर्न कमांड ने पैसिफिक सागर में ड्रग्स से लदी नाव पर मिसाइल से हमला किया। इससे नाव में जोरदार धमाका हुआ और नाव तबाह हो गई। साथ ही ड्रग्स भी पानी में बह गए। साउथर्न कमांड ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि इस हमले में दो नार्को-आतंकियों की मौत हो गई और कोई भी अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ।
अब तक कितने नार्को-आतंकी हुए ढेर?
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान अमेरिकी सेना ने ईस्टर्न पैसिफिक सागर क्षेत्र और कैरेबियन सागर क्षेत्र में अब तक ड्रग्स से लदी 50 से ज़्यादा नावों को मिसाइल से हमला करते हुए तबाह किया है। इन हमलों में 190 से ज़्यादा नार्को-आतंकी मारे गए हैं।
अमेरिका के लिए कितने खतरनाक हैं ड्रग्स?
ड्रग्स अमेरिका के लिए एक गंभीर राष्ट्रीय संकट हैं। फेंटानिल जैसे सिंथेटिक ड्रग्स से अमेरिका में लाखों जिंदगियाँ छीन ली हैं। देश में ड्रग्स की ओवरडोज़ एक चिंताजनक विषय बन गया है। ड्रग्स की वजह से अमेरिका को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। ड्रग्स की लत से सालाना स्वास्थ्य सेवा, अपराध, उत्पादकता हानि और कानूनी खर्चों में कई बिलियन डॉलर्स का नुकसान होता है। ड्रग्स की लत से अमेरिका में परिवारों का टूटना, अपराध बढ़ना, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं और सामजिक स्थिति का बिगड़ना भी है। मैक्सिको और वेनेज़ुएला के ड्रग कार्टेल्स द्वारा तस्करी बढ़ रही है, जिनमें मैक्सिको के ड्रग कार्टेल्स मुख्य हैं। ड्रग्स की तस्करी सिर्फ पानी के रास्ते से नहीं, बल्कि बॉर्डर के रास्ते अवैध रूप से भी होती है और कई बार तो अधिकारियों को भी इसकी भनक नहीं लगती।


