TVS Group में संपत्ति बंटवारे पर तकरार, TVS Holdings के स्वामित्व पर विवाद गहराया

TVS Group में संपत्ति बंटवारे पर तकरार, TVS Holdings के स्वामित्व पर विवाद गहराया

टीवीएस समूह के संस्थापक परिवार में कारोबार और संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद अब कानूनी लड़ाई का रूप ले सकते हैं। इस विवाद में समूह के प्रमुख वेणु श्रीनिवासन और उनके बेटे सुदर्शन वेणु एक तरफ हैं, जबकि वेणु की पत्नी मल्लिका श्रीनिवासन और बेटी लक्ष्मी वेणु दूसरी तरफ हैं। हालांकि, अभी तक अदालत में मामला दायर किए जाने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, विवाद की मुख्य वजह दिसंबर 2020 में हुए पारिवारिक समझौते और मार्च 2024 में तैयार किए गए सहमति पत्र की शर्तों को लेकर अलग-अलग राय है। दोनों पक्ष इन दस्तावेजों का अलग अर्थ निकाल रहे हैं। एक पक्ष का मानना है कि इन समझौतों में कारोबार के साथ-साथ संपत्ति के मालिकाना हक का बंटवारा भी तय कर दिया गया था। वहीं, दूसरा पक्ष इसे कारोबार चलाने और प्रबंधन की जिम्मेदारियां बांटने तक सीमित मानता है।

वेणु श्रीनिवासन के पक्ष का कहना है कि समझौतों के तहत टीवीएस होल्डिंग्स और टीवीएस मोटर कंपनी का मालिकाना हक सुदर्शन वेणु को दिया जाना तय हुआ था। दूसरी ओर, सुंदरम क्लेटन और समूह के छोटे कारोबार लक्ष्मी वेणु के हिस्से में आने थे। इस व्याख्या के मुताबिक, परिवार के अलग-अलग सदस्यों के बीच कारोबार का बंटवारा पहले ही तय किया जा चुका है।

हालांकि, लक्ष्मी वेणु की राय इससे अलग बताई जा रही है। उनका पक्ष मानता है कि इन दस्तावेजों का मकसद कारोबार के प्रबंधन और संचालन से जुड़े नियम तय करना था। इनके जरिए संपत्ति के मालिकाना हक को अपने आप एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को सौंपने की व्यवस्था नहीं की गई थी। यही अंतर अब विवाद का सबसे अहम मुद्दा बन गया है।

दिसंबर 2020 का पारिवारिक समझौता राजम, कृष्णा, संथानम, श्रीनिवासन और दोरईस्वामी परिवार की शाखाओं के बीच पहले बनी मौखिक सहमति को दर्ज करने के लिए किया गया था। इसका उद्देश्य परिवार की अलग-अलग शाखाओं के बीच कारोबार पर नियंत्रण और प्रबंधन की जिम्मेदारियों को नए सिरे से तय करना था।

इसके बाद मार्च 2024 में वेणु श्रीनिवासन, मल्लिका श्रीनिवासन, लक्ष्मी वेणु और सुदर्शन वेणु ने एक और सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसमें परिवार के सदस्यों के बीच कुछ सीमाएं तय की गईं। इसमें टीवीएस ब्रांड के इस्तेमाल और एक-दूसरे के कारोबार से प्रतिस्पर्धा नहीं करने जैसी शर्तें शामिल थीं। खास बात यह है कि टीवीएस होल्डिंग्स इस सहमति पत्र का हिस्सा नहीं थी। ऐसे में इस दस्तावेज का कंपनी के मालिकाना हक पर कितना असर पड़ता है, यह विवाद का अहम पहलू है।

अप्रैल 2025 में शेयर बाजार को दी गई जानकारी से पता चला था कि वेणु श्रीनिवासन ने टीवीएस होल्डिंग्स में अपनी 6.79% हिस्सेदारी वीएस ट्रस्ट को हस्तांतरित की थी। बाद में कंपनी से जुड़ी जानकारी में सुदर्शन वेणु को वीएस ट्रस्ट और श्रीनिवासन ट्रस्ट के जरिए टीवीएस होल्डिंग्स का लाभकारी मालिक बताया गया। इन जानकारियों ने भी परिवार के भीतर हिस्सेदारी और नियंत्रण को लेकर चल रही चर्चा को अहम बना दिया है।

विवाद बढ़ने के बीच लक्ष्मी वेणु कानूनी विकल्पों पर विचार कर सकती हैं। मद्रास उच्च न्यायालय में पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे से जुड़ा मुकदमा दायर करना एक संभावित रास्ता माना जा रहा है। कंपनी कानून के तहत भी कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है। दोनों पक्षों ने कानूनी सलाहकारों और वरिष्ठ वकीलों से संपर्क किया है, लेकिन अदालत जाने का अंतिम फैसला सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।

गौरतलब है कि इस विवाद का असर केवल परिवार के भीतर संपत्ति के बंटवारे तक सीमित नहीं है। टीवीएस होल्डिंग्स की टीवीएस मोटर कंपनी में 50.26% हिस्सेदारी है। इसलिए टीवीएस होल्डिंग्स पर नियंत्रण का सवाल पूरे समूह की कारोबारी दिशा और भविष्य के नेतृत्व के लिहाज से बेहद अहम है। आने वाले समय में समझौतों की शर्तों और मालिकाना हक को लेकर परिवार का रुख तय करेगा कि यह विवाद बातचीत से सुलझता है या कानूनी लड़ाई तक पहुंचता है।

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