दो दिन की गिरावट के बाद संभला Indian Share Market, Sensex 879 अंक चढ़ा

दो दिन की गिरावट के बाद संभला Indian Share Market, Sensex 879 अंक चढ़ा

शेयर बाजार में लगातार 2 दिन की गिरावट के बाद शुक्रवार, 9 अक्टूबर को अच्छी वापसी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार को टीसीएस समेत दूसरी आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। निवेशकों की खरीदारी के चलते बाजार में एक बार फिर तेजी का माहौल बना है।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 879.09 अंक यानी 1.23% उछलकर 72,472.33 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसमें 1,075.96 अंक यानी 1.50% की तेजी आई और यह 72,669.20 तक पहुंच गया। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 288.65 अंक यानी 1.30% चढ़कर 22,520.45 पर बंद हुआ। इस तेजी से पिछले कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद निवेशकों को कुछ राहत मिली है।

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में आईटीसी का शेयर सबसे ज्यादा 4.78% चढ़ा। इसके बाद टीसीएस के शेयर में 4.23% की बढ़त दर्ज की गई। टीसीएस ने जुलाई से सितंबर की तिमाही में अपना शुद्ध मुनाफा 15% बढ़कर ₹13,884 करोड़ होने की जानकारी दी है। कंपनी के बेहतर नतीजों से आईटी क्षेत्र के दूसरे शेयरों में भी खरीदारी बढ़ी। अडानी पोर्ट्स, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, लार्सन एंड टुब्रो और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में एकमात्र ऐसी कंपनी रही, जिसके शेयर में गिरावट आई।

बाजार की तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी एक अहम वजह रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 1.32% गिरकर 102.9 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। तेल की कीमतों में कमी से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश को राहत मिलने की उम्मीद रहती है। इससे महंगाई, कंपनियों की लागत और देश के आयात बिल को लेकर बनी चिंताएं कुछ कम हो सकती हैं।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर के मुताबिक, हाल की तेज गिरावट के बाद निवेशकों ने कम कीमत पर शेयर खरीदे और कुछ कारोबारियों ने अपनी बिकवाली की स्थिति बंद की। आईटी कंपनियों के बेहतर नतीजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से कमाई बढ़ने की उम्मीद ने भी बाजार को सहारा दिया। एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर ने भी कहा कि टीसीएस के नतीजों और वैश्विक संकेतों में सुधार से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

रिलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा के अनुसार, आईटी शेयरों के अलावा बैंकिंग, रोजमर्रा के इस्तेमाल के सामान बनाने वाली कंपनियों और वाहन क्षेत्र में भी खरीदारी हुई। एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरिसेलवन राधाकृष्णन ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच तत्काल तनाव बढ़ने की आशंका कम होने से कच्चे तेल की कीमतों और बाजार की धारणा को राहत मिली है।

शुक्रवार को बीएसई के मिडकैप सिलेक्ट सूचकांक में 1.59% और स्मॉलकैप सिलेक्ट सूचकांक में 0.56% की बढ़त रही। सभी क्षेत्रीय सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। आईटी क्षेत्र में 2.91%, केंद्रित आईटी में 2.96%, अस्पताल क्षेत्र में 2.46% और रोजमर्रा के उपभोग वाले सामान के क्षेत्र में 2.02% की तेजी रही। बीएसई पर 2,516 शेयर चढ़े, 1,867 गिरे और 227 में कोई बदलाव नहीं हुआ।

हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को ₹12,943.58 करोड़ के शेयर बेचे थे। उस दिन सेंसेक्स 1,045.46 अंक और निफ्टी 371.25 अंक टूटकर बंद हुए थे। पूरे सप्ताह की बात करें तो सेंसेक्स में 562.63 अंक यानी 0.78% और निफ्टी में 98.5 अंक यानी 0.43% की बढ़त रही। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि शंघाई और हांगकांग के बाजार चढ़े। यूरोप के बाजारों में भी तेजी रही, जबकि गुरुवार को अमेरिकी बाजार ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए थे। ऐसे में आने वाले कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री और कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर बनी रहने वाली हैं।

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