अयोध्या जिले में निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मिल्कीपुर के भाजपा के पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। उन्होंने एक मरीज की अलग-अलग जांच रिपोर्टों में विरोधाभास का आरोप लगाते हुए संबंधित जांच केंद्रों की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र के मुताबिक, इनायतनगर थाना क्षेत्र के कटघरा निवासी राजदत्त तिवारी के पुत्र अभिषेक तिवारी को पेट में दर्द की शिकायत हुई थी। आरोप है कि 17 अगस्त 2026 को अयोध्या के चंदन डायग्नोस्टिक सेंटर में कराए गए अल्ट्रासाउंड में पित्ताशय में 8.8 एमएम की पथरी होने की पुष्टि हुई। इस रिपोर्ट के आधार पर मरीज को ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराने की बात सामने आई। शिकायत के अनुसार, 22 अगस्त को उसी सेंटर पर दोबारा अल्ट्रासाउंड कराया गया तो पथरी का कोई लक्षण नहीं मिला। इसके बाद छह सितंबर को सिंह डायग्नोस्टिक सेंटर, नौ सितंबर को सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर और 13 सितंबर को स्वास्तिका डायग्नोस्टिक सेंटर में जांच कराई गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन केंद्रों की रिपोर्ट में भी पथरी की पुष्टि नहीं हुई। एक ही मरीज की पहली रिपोर्ट में पथरी की पुष्टि और बाद की जांचों में उसके नहीं मिलने से जांच प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, रिपोर्टों में अंतर की वास्तविक वजह संबंधित दस्तावेजों और चिकित्सकीय तथ्यों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि रिपोर्टों में कथित विरोधाभास के चलते मरीज और उसके परिवार को करीब एक महीने तक मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी और आर्थिक नुकसान भी हुआ। उन्होंने चंदन और सिंह डायग्नोस्टिक सेंटर सहित संबंधित केंद्रों की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की मांग की है। मामले में अब जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर नजर है। संबंधित जांच केंद्रों का पक्ष और प्रशासन की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि रिपोर्टों में अंतर के पीछे क्या कारण था और किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।

