मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा है कि प्रदेश को नशीले पदार्थों से मुक्त बनाने के लिए विभाग संयुक्त अभियान चलाएं। इसके लिए तीन साल की कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल किया जाए। केंद्र सरकार से समन्वय कर कोडिन बेस्ड कफ सिरप के उत्पादन और प्रदेश में वितरण के नेटवर्क की जानकारी लेकर निगरानी करें। इसके लिए शैक्षणिक संस्थाओं में एंट्री ड्रग कमेटी का गठन किया जाए और विभागों की भूमिक तय की जाए। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल गुरुवार को पांचवी राज्य स्तरीय एनसीओआरडी बैठक में कहा कि इसके लिए शुरुआत में 500 से अधिक विद्यार्थी वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षक, पालक, विद्यार्थी, उच्च शिक्षा, सामाजिक न्याय विभाग तथा पुलिस को समाहित कर एंटी ड्रग समितियों का गठन किया जाएगा। बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अनेक विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्ष नार्कोटिक्स और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। नशीले पदार्थों के रैकेट को खत्म करने प्लान बनाएं मुख्य सचिव बर्णवाल ने बैठक में कहा कि जिस प्रकार प्रदेश में नक्सलवाद को समाप्त किया गया है, उसी प्रकार आगामी दो-तीन वर्षों में अवैध मादक पदार्थों के संपूर्ण रैकेट को खत्म करने के लिए संबंधित विभाग गंम्भीरता पूर्वक ऐसा अभियान चलाएं, जिसका समाज के सभी वर्गों तक स्पष्ट संदेश जाए। सभी विभाग त्रि-वर्षीय विशेष अभियान के लिए अपने आंतरिक लक्ष्य निर्धारित कर कार्य-योजना बनाएंगे। मुख्य सचिव ने ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सूचना तंत्र को सदृढ़ करने के साथ ही नार्कोटिक्स वर्टिकल, एसआईबी और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव बर्णवाल ने मध्यप्रदेश में ड्रग नष्ट करने की कार्रवाई में देश में मध्यप्रदेश के पहले स्थान पर रहने पर संतोष जताया। मुख्य सचिव ने ये निर्देश दिए 18 गुप्त नशीले सेंटर ध्वस्त बैठक में बताया गया कि प्रदेश में एनसीबी का राष्ट्रीय नार्कोटिक्स का हेल्पलाइन मानस पोर्टल 1933 संचालित किया जा रहा है। जिस पर मादक पदार्थों से जुड़ी गुप्त सूचनाएं मिल रही है। प्रदेश में वर्ष 2025-2026 में कुल 811 शिकायातें प्राप्त हुईं। मध्यप्रदेश पुलिस, एनसीबी, डीआरआई और सीबीएन ने इस दौरान प्रदेश में मादक पदार्थों की 18 मादक पदार्थों की गुप्त प्रयोग शालाओं पर प्रभावी कार्रवाई कर ध्वस्त किया है। एनडीपीएस के प्रकरणों में 446 करोड़ की संपत्ति अटैच बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में मादक पदार्थं के अवैध कारोबार में सलंग्न व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है। एनडीपीएस के वर्ष 2025 में 54 प्रकरणों में 300 करोड़ और वर्ष 2026 में 38 प्रकरणों में 146 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई की गई है। सितम्बर 2026 तक एनडीपीएस के 201 विशेष ट्रॉयल मामलों को मॉनीटिरिंग में लिया गया है। इसी अवधि में न्यायालयों में लंबित मामलों में 8 में दोष सिद्धि हुई है। कैमिकल फैक्ट्रियों में प्रीकर्सर का डायवर्जन रोकें मुख्य सचिव बर्णवाल ने मध्यपद्रेश में संचालित कैमिकल फैक्ट्रियों में उपयोग होने वाले प्रीकर्सर के डायवर्जन को रोकने के लिए उद्योग, श्रम, स्वास्थ्य एवं गृह विभाग को कार्य-योजना बनाकर निगरानी तंत्र या विशेष दस्ता बनाकर औद्योगिक क्लस्टर्स और एसोसिएशन की सूची आपस में साझा कर उल्लंघन करने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कोडीन बेस्ड कफ शीरप जैसी दवाइयों की आपूर्ति एवं वितरण के लगातार परीक्षण एवं लाइसेंस प्रक्रिया को समेकित करने के लिए कम्यूटाइरेजेन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव बर्णवाल ने एफएसएल को एनडीपीएस एक्ट के तहत भेजे गए सैंपल की जांच रिपोर्ट 15 दिवस में प्राप्त किए जाने के लिए कार्य-योजना निर्धारित करने को कहा है। मुख्य सचिव बर्णवाल ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को निर्देश दिए कि केंद्र सरकार से समन्वय कर कोडिन बेस्ड कप सीरप के उत्पादन और प्रदेश में वितरण के नेटवर्क की जानकारी प्राप्त करें और सतत् निगरानी करें। उन्होंने सूचना तंत्र को मजबूत बनाने और प्रोत्साहन राशि में वृद्धि और निक्षेप के अधिकार राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक विकेंद्रित करने के निर्देश दिए।

