पटना सिविल कोर्ट के जज को एक शातिर ने फोन कर रुपए की डिमांड की थी। शातिर ने खुद को मरवान अंचलाधिकारी मुकेश कुमार बताया था। उसने फोन पर जज से कहा कि दाखिल-खारिज आपका पेडिंग है, काम करवाना है तो रुपए देने होंगे। इसके बाद जज हैरान रह गए। उन्होंने ऑनलाइन सीओ का सरकारी नंबर निकाला और उन्हें कॉल किया। जज ने सीओ से पूछा कि क्या आपने दाखिला-खारिज के लिए दूसरे नंबर से मुझे फोन कर रुपए मांगे थे। सीओ ने कहा सर मैंन कॉल नहीं किया है। मैं भला आपसे रुपए क्यों मागूंगा। इसके बाद जज ने कोतवाली थाने में 7 मई को शिकायत दर्ज कराई थी, 23 मई को आरोपी मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार हुआ है। नंबर को पुलिस ने ट्रेस किया जज को जिस नंबर से फोन आया था, पुलिस ने उस नंबर को ट्रेस किया। पता चला लोकेशन मुजफ्फरपुर में है। मामला हाई प्रफाइल था, इस कारण DIU की टीम को जांच के लिए लगाया गया। टीम ने आरोपी को मुजफ्फरपुर के बड़ा सवेरा गांव तुर्की से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान प्रिंस यादव के रूप में हुई है।
100 से अधिक लोगों से कर चुका ठगी आरोपी प्रिंस ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि जिनका म्यूटेशन पेडिंग रहता था, भूमि पोर्टल से उसका नंबर निकालता था। फिर काम कराने का झांसा देता था, डॉक्यूमेंट भी मांगता था। किसी से 3 हजार तो किसी से 5 हजार रुपए लेता था। अब तक 100 से अधिक लोगों के साथ ऐसा काम कर चुका हूं। कम रुपए होने के कारण लोग पीछे नहीं पड़ते थे। शिकायत भी नहीं होती थी। बाद में लोगों का काम विभाग की ओर से खुद हो जाता था। कॉमेडी वीडियो बनाता था आरोपी ने पुलिस को बताया कि जो रुपए मिलते थे, उससे इंस्टाग्राम पर अपने दोस्त के साथ कॉमेडी वीडियो बनाता था। अपने निजी खर्च में इस्तेमाल करता था। फिलहाल आरोपी को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पटना सिविल कोर्ट के जज को एक शातिर ने फोन कर रुपए की डिमांड की थी। शातिर ने खुद को मरवान अंचलाधिकारी मुकेश कुमार बताया था। उसने फोन पर जज से कहा कि दाखिल-खारिज आपका पेडिंग है, काम करवाना है तो रुपए देने होंगे। इसके बाद जज हैरान रह गए। उन्होंने ऑनलाइन सीओ का सरकारी नंबर निकाला और उन्हें कॉल किया। जज ने सीओ से पूछा कि क्या आपने दाखिला-खारिज के लिए दूसरे नंबर से मुझे फोन कर रुपए मांगे थे। सीओ ने कहा सर मैंन कॉल नहीं किया है। मैं भला आपसे रुपए क्यों मागूंगा। इसके बाद जज ने कोतवाली थाने में 7 मई को शिकायत दर्ज कराई थी, 23 मई को आरोपी मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार हुआ है। नंबर को पुलिस ने ट्रेस किया जज को जिस नंबर से फोन आया था, पुलिस ने उस नंबर को ट्रेस किया। पता चला लोकेशन मुजफ्फरपुर में है। मामला हाई प्रफाइल था, इस कारण DIU की टीम को जांच के लिए लगाया गया। टीम ने आरोपी को मुजफ्फरपुर के बड़ा सवेरा गांव तुर्की से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान प्रिंस यादव के रूप में हुई है।
100 से अधिक लोगों से कर चुका ठगी आरोपी प्रिंस ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि जिनका म्यूटेशन पेडिंग रहता था, भूमि पोर्टल से उसका नंबर निकालता था। फिर काम कराने का झांसा देता था, डॉक्यूमेंट भी मांगता था। किसी से 3 हजार तो किसी से 5 हजार रुपए लेता था। अब तक 100 से अधिक लोगों के साथ ऐसा काम कर चुका हूं। कम रुपए होने के कारण लोग पीछे नहीं पड़ते थे। शिकायत भी नहीं होती थी। बाद में लोगों का काम विभाग की ओर से खुद हो जाता था। कॉमेडी वीडियो बनाता था आरोपी ने पुलिस को बताया कि जो रुपए मिलते थे, उससे इंस्टाग्राम पर अपने दोस्त के साथ कॉमेडी वीडियो बनाता था। अपने निजी खर्च में इस्तेमाल करता था। फिलहाल आरोपी को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।


