भागलपुर के तिलकामांझी थाना क्षेत्र स्थित सांसद अजय मंडल के कार्यालय में हुई चोरी की घटना को लेकर पुलिस लगातार छानबीन और छापेमारी में जुटी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और फोरेंसिक जांच के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। चोरी की इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि चोर केवल कीमती सामान ही नहीं, बल्कि संवेदनशील दस्तावेज और हथियार भी अपने साथ ले गए हैं। जानकारी के अनुसार चोर सांसद कार्यालय से सीसीटीवी का डीवीआर, डेस्कटॉप मॉनिटर, कीबोर्ड सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी कर ले गए। इसके अलावा नवगछिया पुलिस जिला में पदस्थापित अधिकृत आरक्षी निरंजन कुमार की पिस्टल और 35 चक्र कारतूस भी चोरी हो गए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि अपराधी सांसद के हस्ताक्षर वाले कई ब्लैंक लैटरपैड भी अपने साथ ले गए, जिनके दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। सांसद बोले- चोरों ने चोरी के बाद सबूत मिटाने की भी कोशिश की सांसद अजय मंडल ने पुलिस को दिए गए बयान में बताया है कि छह जून की रात आरक्षी निरंजन कुमार कार्यालय में मौजूद थे। इसी दौरान किसी आवश्यक कार्य से उन्हें तत्काल सर्किट हाउस बुलाया गया। जल्दबाजी में उन्होंने अपनी सरकारी पिस्टल और कारतूस कार्यालय की आलमारी में रख दिए और वहां से चले गए। इसी बीच अपराधियों ने कार्यालय को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। सांसद ने पुलिस को यह भी बताया कि अपराधियों ने केवल चोरी ही नहीं की, बल्कि साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश भी की। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले गए, ताकि उनकी पहचान न हो सके। उन्होंने आशंका जताई है कि हस्ताक्षरयुक्त ब्लैंक लैटरपैड का इस्तेमाल कर कोई व्यक्ति उनके नाम से फर्जी पत्र जारी कर सकता है या किसी प्रकार की कूटरचना कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर सकता है। इधर, तिलकामांझी थाना पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस टीम हटिया रोड और सांसद कार्यालय तक जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाल रही है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है और जल्द ही घटना में शामिल अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। भागलपुर के तिलकामांझी थाना क्षेत्र स्थित सांसद अजय मंडल के कार्यालय में हुई चोरी की घटना को लेकर पुलिस लगातार छानबीन और छापेमारी में जुटी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और फोरेंसिक जांच के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। चोरी की इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि चोर केवल कीमती सामान ही नहीं, बल्कि संवेदनशील दस्तावेज और हथियार भी अपने साथ ले गए हैं। जानकारी के अनुसार चोर सांसद कार्यालय से सीसीटीवी का डीवीआर, डेस्कटॉप मॉनिटर, कीबोर्ड सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी कर ले गए। इसके अलावा नवगछिया पुलिस जिला में पदस्थापित अधिकृत आरक्षी निरंजन कुमार की पिस्टल और 35 चक्र कारतूस भी चोरी हो गए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि अपराधी सांसद के हस्ताक्षर वाले कई ब्लैंक लैटरपैड भी अपने साथ ले गए, जिनके दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। सांसद बोले- चोरों ने चोरी के बाद सबूत मिटाने की भी कोशिश की सांसद अजय मंडल ने पुलिस को दिए गए बयान में बताया है कि छह जून की रात आरक्षी निरंजन कुमार कार्यालय में मौजूद थे। इसी दौरान किसी आवश्यक कार्य से उन्हें तत्काल सर्किट हाउस बुलाया गया। जल्दबाजी में उन्होंने अपनी सरकारी पिस्टल और कारतूस कार्यालय की आलमारी में रख दिए और वहां से चले गए। इसी बीच अपराधियों ने कार्यालय को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। सांसद ने पुलिस को यह भी बताया कि अपराधियों ने केवल चोरी ही नहीं की, बल्कि साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश भी की। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले गए, ताकि उनकी पहचान न हो सके। उन्होंने आशंका जताई है कि हस्ताक्षरयुक्त ब्लैंक लैटरपैड का इस्तेमाल कर कोई व्यक्ति उनके नाम से फर्जी पत्र जारी कर सकता है या किसी प्रकार की कूटरचना कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर सकता है। इधर, तिलकामांझी थाना पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस टीम हटिया रोड और सांसद कार्यालय तक जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाल रही है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है और जल्द ही घटना में शामिल अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।


