इज़रायल (Israel) और ईरान (Iran) ने आज, सोमवार, 8 जून को एक बार फिर एक-दूसरे पर हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच फिर से युद्ध शुरू होता लग रहा है। ईरान ने तड़के सुबह इज़रायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं जो अप्रैल में सीज़फायर के बाद यह इज़रायल पर ईरान का पहला हमला था। ईरान के हमले के बाद इज़रायल ने भी ईरान में तेहरान, तबरेज, इस्फहान क्षेत्र में सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिसके बाद ईरान ने उत्तरी इज़रायल पर मिसाइल अटैक किया। ईरान के हमले का यमन (Yemen) के हूती विद्रोहियों ने भी समर्थन किया है और अब इज़रायल के खिलाफ एक बड़ा फैसला लेते हुए लाल सागर (Red Sea) में इज़रायल के खिलाफ नेवी नाकेबंदी का ऐलान कर दिया है।
यमन के सैन्य अधिकारी ने की घोषणा
हूती के सैन्य अधिकारी याह्या कासिम सरी (Yahya Qasim Saree) ने इज़रायल के जहाजों के लिए लाल सागर में नेवी नाकेबंदी की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद अब लाल सागर में इज़रायल से जुड़े सभी जहाज वैध सैन्य लक्ष्य हैं और हूती विद्रोही भी इन जहाजों पर हमला कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लाल सागर में हूतियों का प्रभाव काफी ज़्यादा है।
कौन है याह्या सरी?
याह्या सरी यमन में सर्वोच्च राजनीतिक परिषद के नेतृत्व वाली यमनी सशस्त्र सेना के प्रवक्ता के रूप में कार्यरत है। यह सेना हूती विद्रोहियों से संबद्ध यमन की सशस्त्र सेना का एक विद्रोही गुट है।
क्या हूती विद्रोही फिर करेंगे इज़रायल पर हमले?
हूती विद्रोही शुरू से ईरान के समर्थक हैं। ईरान के समर्थन में हूती विद्रोही पहले ही इज़रायल पर हमला करने से पीछे नहीं हटे हैं और साथ ही लाल सागर में भी काफी समय से इज़रायली जहाजों पर हमले करते आए हैं। इज़रायली सेना भी अक्सर ही हूती ठिकानों पर हमले करने से पीछे नहीं हटी है। ऐसे में इस बात की संभावना जताई जा रही है कि हूती विद्रोही एक बार फिर इज़रायल के खिलाफ हमले शुरू कर सकते हैं और इज़रायली सेना भी इसके खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकती है, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ सकता है।



UPDATE:
Yemen announces a total naval blockade on Israel from the Red Sea.