“मेरी बहन गलत नहीं हो सकती है। उसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं था, कैरेक्टर पर ऊंगली उठाना गलत है। सीएम सम्राट चौधरी न्याय करें। हमे पुलिस पर पूरा भरोसा है।” ये कहना पटना के हॉस्टल में सुसाइड करने वाली लड़की के भाई का है। दरअसल, पटना के कृष्णा हॉस्टल में समस्तीपुर की रहने वाली छात्रा ने मंगलवार को सुसाइड कर लिया। छात्रा श्रुति के पोखरैड़ा गांव स्थित पैत्रिक घर पर मातमी संन्नाटा छाया हुआ है। अंतिम संस्कार के बाद घर पर गांव के लोगों का आना जाना जारी है। छात्रा के पिता प्रमोद कुमार कर्ण पंचायत के वार्ड सदस्य हैं और उसकी माता सविता कर्ण गांव के हाई स्कूल में शिक्षिका है। श्रुति ने आर्ट से इंटर इसी साल पास किया है। साल 2024 से वह पटना में रहकर तैयारी करती थी। उसकी इच्छा वकील बनकर गरीबों को न्याय दिलाने का माध्यम बनना था। छात्रा 25 मई को वापस पटना कंपीटिशन की तैयारी करने के लिए गई थी। गांव में लोगों की समस्या का समाधान करने वाले पिता चुपचाप बैठे थे। वह कुछ बोल नहीं पा रहे थे। श्रुति के ममेरे भाई अमन कुमार ने हॉस्टल की छात्राओं के बयान पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि हॉस्टल की छात्राओं का बयान सरासर गलत है। बिना कुछ जाने कुछ भी बोल रही है। मेरी बहन ने आर्ट्स से इंटर किया है। वह वकील बनना चाहती थी। उसकी इच्छा थी कि वह वकील बन कर गरीबों को न्याय दिलाने का माध्यम बने। वह गलत नहीं थी। वह गलत हो ही नहीं सकती। भाई ने कहा है कि लड़की के कैरेक्टर पर ऊंगली उठाना गलत है। वो पढ़ाई में बहुत अच्छी थी। बिहार पुलिस और न्याययिक व्यवस्था पर जताया विश्वास छात्रा के भाई ने कहा कि उन्हें बिहार पुलिस और यहां की न्यायिक व्यवस्था पर भरोसा है। परिवार के लोग अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रहे थे। इसके बाद वह आगे की योजना पर काम करेंगे। उन्होंने बिहार के मुख्य मंत्री सम्राट चौधरी से गुहार लगाते हुए इस न्याय की लड़ाई में साथ देने को कहा। ताकि, दूसरी श्रुति को यह सब देखना और करना न पड़े। आसपास के ग्रामीण भी श्रुति को शहनशील और अच्छे व्यवहार की बताते हैं। श्रुति ने कल्याणपुर स्थित एक सीबीएसई स्कूल से इंटर किया है। जिसके बाद वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए पटना गई थी। वह पिछले साल दिसंबर महीने में परीक्षा देने के लिए घर आयी थी। रिजल्ट आने के बाद लॉ में एडमिशन के लिए प्रयास में पटना का फिर से रूख किया था। भाकपा माले व एपवा संगठन के लोगों ने परिजनों से मुलाकात की घटना की जानकारी के बाद गुरुवार को भाकपा माले की महिला विंग एपवा की एक कमेटी श्रुति के घर पर पहुंच कर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। एपवा नेत्री वंदना सिंह, प्रिति कुमारी, प्रमिला राय के साथ ही माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह, उपेंद्र राय , टिंकू यादव आदि लोगों ने परिवार को न्याय की लड़ाई लड़ने का भरोसा दिया है। एपवा नेत्री वंदना सिंह ने कहा कि पटना समेत राज्य के अन्य जिलों में इस तरह की घटनाएं सामने आ रही है। सरकार महिला सुरक्षा का दावा कर रही है। लेकिन महिलाएं प्रताड़ित हो रही है। पटना के होस्टल में छात्रांए सुरक्षित नहीं है। सरकार को इस कर कड़ा कदम उठाना चाहिए। नेता प्रिति कुमारी ने कहा कि बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं है। पटना ऐसे शहर में रोज इस तरह की घटनाएं सामने आ रही है। श्रुति का मामला संदिग्ध है। परिवार के लोग भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। परिवार को न्याय दिलाने के लिए एपवा परिवार के साथ है। जरूरत पड़ी तो संगठन की ओर से इसके लिए आंदोनल भी किया जाएगा। “मेरी बहन गलत नहीं हो सकती है। उसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं था, कैरेक्टर पर ऊंगली उठाना गलत है। सीएम सम्राट चौधरी न्याय करें। हमे पुलिस पर पूरा भरोसा है।” ये कहना पटना के हॉस्टल में सुसाइड करने वाली लड़की के भाई का है। दरअसल, पटना के कृष्णा हॉस्टल में समस्तीपुर की रहने वाली छात्रा ने मंगलवार को सुसाइड कर लिया। छात्रा श्रुति के पोखरैड़ा गांव स्थित पैत्रिक घर पर मातमी संन्नाटा छाया हुआ है। अंतिम संस्कार के बाद घर पर गांव के लोगों का आना जाना जारी है। छात्रा के पिता प्रमोद कुमार कर्ण पंचायत के वार्ड सदस्य हैं और उसकी माता सविता कर्ण गांव के हाई स्कूल में शिक्षिका है। श्रुति ने आर्ट से इंटर इसी साल पास किया है। साल 2024 से वह पटना में रहकर तैयारी करती थी। उसकी इच्छा वकील बनकर गरीबों को न्याय दिलाने का माध्यम बनना था। छात्रा 25 मई को वापस पटना कंपीटिशन की तैयारी करने के लिए गई थी। गांव में लोगों की समस्या का समाधान करने वाले पिता चुपचाप बैठे थे। वह कुछ बोल नहीं पा रहे थे। श्रुति के ममेरे भाई अमन कुमार ने हॉस्टल की छात्राओं के बयान पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि हॉस्टल की छात्राओं का बयान सरासर गलत है। बिना कुछ जाने कुछ भी बोल रही है। मेरी बहन ने आर्ट्स से इंटर किया है। वह वकील बनना चाहती थी। उसकी इच्छा थी कि वह वकील बन कर गरीबों को न्याय दिलाने का माध्यम बने। वह गलत नहीं थी। वह गलत हो ही नहीं सकती। भाई ने कहा है कि लड़की के कैरेक्टर पर ऊंगली उठाना गलत है। वो पढ़ाई में बहुत अच्छी थी। बिहार पुलिस और न्याययिक व्यवस्था पर जताया विश्वास छात्रा के भाई ने कहा कि उन्हें बिहार पुलिस और यहां की न्यायिक व्यवस्था पर भरोसा है। परिवार के लोग अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रहे थे। इसके बाद वह आगे की योजना पर काम करेंगे। उन्होंने बिहार के मुख्य मंत्री सम्राट चौधरी से गुहार लगाते हुए इस न्याय की लड़ाई में साथ देने को कहा। ताकि, दूसरी श्रुति को यह सब देखना और करना न पड़े। आसपास के ग्रामीण भी श्रुति को शहनशील और अच्छे व्यवहार की बताते हैं। श्रुति ने कल्याणपुर स्थित एक सीबीएसई स्कूल से इंटर किया है। जिसके बाद वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए पटना गई थी। वह पिछले साल दिसंबर महीने में परीक्षा देने के लिए घर आयी थी। रिजल्ट आने के बाद लॉ में एडमिशन के लिए प्रयास में पटना का फिर से रूख किया था। भाकपा माले व एपवा संगठन के लोगों ने परिजनों से मुलाकात की घटना की जानकारी के बाद गुरुवार को भाकपा माले की महिला विंग एपवा की एक कमेटी श्रुति के घर पर पहुंच कर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। एपवा नेत्री वंदना सिंह, प्रिति कुमारी, प्रमिला राय के साथ ही माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह, उपेंद्र राय , टिंकू यादव आदि लोगों ने परिवार को न्याय की लड़ाई लड़ने का भरोसा दिया है। एपवा नेत्री वंदना सिंह ने कहा कि पटना समेत राज्य के अन्य जिलों में इस तरह की घटनाएं सामने आ रही है। सरकार महिला सुरक्षा का दावा कर रही है। लेकिन महिलाएं प्रताड़ित हो रही है। पटना के होस्टल में छात्रांए सुरक्षित नहीं है। सरकार को इस कर कड़ा कदम उठाना चाहिए। नेता प्रिति कुमारी ने कहा कि बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं है। पटना ऐसे शहर में रोज इस तरह की घटनाएं सामने आ रही है। श्रुति का मामला संदिग्ध है। परिवार के लोग भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। परिवार को न्याय दिलाने के लिए एपवा परिवार के साथ है। जरूरत पड़ी तो संगठन की ओर से इसके लिए आंदोनल भी किया जाएगा।


