सहरसा में चार दिन आंधी-बारिश की संभावना:कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की, संक्रमित पौधों को नष्ट करने की दी सलाह

सहरसा में चार दिन आंधी-बारिश की संभावना:कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की, संक्रमित पौधों को नष्ट करने की दी सलाह

सहरसा में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी कृषि परामर्श के अनुसार, इस दौरान गरज-चमक, आंधी और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कृषि विभाग ने किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 31 मई से 3 जून तक अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता लगभग 80 प्रतिशत और दोपहर में 30 प्रतिशत के आसपास रह सकती है। हवा की गति 16 से 35 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। आंधी से मक्का की फसल को हो सकता है नुकसान कृषि अनुसंधान संस्थान अगवानपुर सहरसा के कृषि मौसम वैज्ञानिक रामानंद पटेल ने चेतावनी दी है कि तेज हवा और आंधी से मक्का की खड़ी फसल गिर सकती है। इसके साथ ही आम और लीची के फल भी झड़ सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर भंडारित करें और खराब मौसम के दौरान खेतों में अनावश्यक कार्यों से बचें। धान की खेती करने वाले किसानों को खरीफ मौसम के लिए अभी से बीज की व्यवस्था करने और नर्सरी तैयार करने का सुझाव दिया गया है। नर्सरी में बीज डालने से पहले बीजोपचार करने और खेत में सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाने की सलाह दी गई है। मखाना उत्पादकों को खेत में डेढ़ फीट तक जलस्तर बनाए रखने की हिदायत दी गई है। किसान से संक्रमित पौधों को नष्ट करने की सलाह मूंग और उड़द की फसलों में पीला मोजेक रोग दिखने पर संक्रमित पौधों को तुरंत नष्ट करने और इमिडाक्लोप्रिड का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। आम में आंतरिक सड़न रोग की रोकथाम के लिए बोरेक्स तथा लीची में फल छेदक कीट नियंत्रण के लिए आवश्यक दवा का छिड़काव करने की अनुशंसा की गई है। पशुपालकों को अपने पशुओं को साफ-सुथरे स्थान पर रखने, पर्याप्त हरा-सूखा चारा और दिन में कई बार स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है। आंधी और बिजली गिरने के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे न बांधने की विशेष हिदायत भी दी गई है। सहरसा में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी कृषि परामर्श के अनुसार, इस दौरान गरज-चमक, आंधी और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कृषि विभाग ने किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 31 मई से 3 जून तक अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता लगभग 80 प्रतिशत और दोपहर में 30 प्रतिशत के आसपास रह सकती है। हवा की गति 16 से 35 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। आंधी से मक्का की फसल को हो सकता है नुकसान कृषि अनुसंधान संस्थान अगवानपुर सहरसा के कृषि मौसम वैज्ञानिक रामानंद पटेल ने चेतावनी दी है कि तेज हवा और आंधी से मक्का की खड़ी फसल गिर सकती है। इसके साथ ही आम और लीची के फल भी झड़ सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर भंडारित करें और खराब मौसम के दौरान खेतों में अनावश्यक कार्यों से बचें। धान की खेती करने वाले किसानों को खरीफ मौसम के लिए अभी से बीज की व्यवस्था करने और नर्सरी तैयार करने का सुझाव दिया गया है। नर्सरी में बीज डालने से पहले बीजोपचार करने और खेत में सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाने की सलाह दी गई है। मखाना उत्पादकों को खेत में डेढ़ फीट तक जलस्तर बनाए रखने की हिदायत दी गई है। किसान से संक्रमित पौधों को नष्ट करने की सलाह मूंग और उड़द की फसलों में पीला मोजेक रोग दिखने पर संक्रमित पौधों को तुरंत नष्ट करने और इमिडाक्लोप्रिड का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। आम में आंतरिक सड़न रोग की रोकथाम के लिए बोरेक्स तथा लीची में फल छेदक कीट नियंत्रण के लिए आवश्यक दवा का छिड़काव करने की अनुशंसा की गई है। पशुपालकों को अपने पशुओं को साफ-सुथरे स्थान पर रखने, पर्याप्त हरा-सूखा चारा और दिन में कई बार स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है। आंधी और बिजली गिरने के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे न बांधने की विशेष हिदायत भी दी गई है।  

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