मुजफ्फरपुर के कांटी स्थित कपरपुरा रेलवे गुमटी संख्या-107 को महीनों बाद फिर से खोल दिया गया, लेकिन इसका श्रेय लेने को लेकर राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। गुमटी खुलने के कार्यक्रम के दौरान वैशाली सांसद वीणा देवी की मौजूदगी में कांटी के जदयू विधायक अजीत कुमार और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिलाध्यक्ष चुलबुल शाही के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों नेताओं के बीच हुई नोकझोंक का वीडियो भी सामने आया है। पहले विधायक- जिलाध्यक्ष के बीच नोकझोंक की कुछ तस्वीरें देखिए दरअसरल मामला शनिवार दोपहर का है। कपरपुरा रेलवे गुमटी को औपचारिक रूप से खोले जाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। लंबे समय से बंद इस रेलवे गुमटी के खुलने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल था। इसका श्रेय लेने के लिए दो नेता आपस में भिड़ गए। जिलाध्यक्ष ने सांसद वीणा देवी से कहा कि आप आगे आई। आप जनकप्रतिनिधि हैं। बाकि सब अल्लू झल्लू है। इस पर जदयू विधायक भी गुस्सा में आ गए। उन्होंने कहा कि मेरे कारण ही तुम आज यहां खड़े हो। इस पर चिराग की पार्टी के जिलाध्यक्ष ने कहा कि, चल ना तू अपना काम कर। जदयू विधायक और नाराज हो गए। इस पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि, तुम ज्यादा हल्ला करेगा। ये सब सांसद वीणा देवी की मौजूदगी में होता रहा। वहां मौजूद लोगों ने जदयू विधायक और चिराग की पार्टी की जिलाध्यक्ष को समझा-बुझाकर मामला शांत करवाया। अब समझिए विवाद शुरू कैसे हुआ लोजपा (रामविलास) के जिलाध्यक्ष चुलबुल शाही ने कहा कि कपरपुरा रेलवे गुमटी को खुलवाने के लिए लंबे समय से आंदोलन चल रहा था। उन्होंने दावा किया कि वैशाली सांसद वीणा देवी ने कई बार रेल मंत्री और रेलवे अधिकारियों से बातचीत की थी, जिसके बाद रेलवे ने गुमटी खोलने का निर्णय लिया। चुलबुल शाही के अनुसार, शनिवार को समस्तीपुर मंडल के अधिकारियों की ओर से गुमटी खोलने की स्वीकृति मिलने के बाद उद्घाटन का समय तय किया गया था। उनका आरोप है कि कार्यक्रम में विधायक अजीत कुमार ने सांसद की मौजूदगी पर सवाल उठाया और कहा कि उनके क्षेत्र में आने से पहले उन्हें सूचना दी जानी चाहिए थी। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। विधायक अजीत कुमार ने भी रखा पक्ष वहीं, कांटी विधायक अजीत कुमार ने कहा कि, कपरपुरा रेलवे गुमटी को खुलवाने के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए थे और विधानसभा से लेकर रेलवे के विभिन्न स्तरों तक इस मुद्दे को उठाया था। कार्यक्रम में उन्होंने केवल इतना कहा था कि क्षेत्र से जुड़े किसी कार्यक्रम में आने से पहले जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय होना चाहिए। इसी दौरान कुछ लोग अनावश्यक रूप से उनसे उलझ गए, जिसके कारण विवाद की स्थिति बनी। 22 फरवरी से बंद थी रेलवे गुमटी गौरतलब है कि रेलवे द्वारा अंडरपास निर्माण कार्य को लेकर कपरपुरा रेलवे गुमटी को 22 फरवरी की मध्यरात्रि से बंद कर दिया गया था। गुमटी बंद होने के बाद कांटी और आसपास के दर्जनों गांवों का सीधा संपर्क प्रभावित हो गया था। स्थानीय लोगों को बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए 10 से 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी। इसे लेकर लगातार जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की ओर से आंदोलन और मांग उठाई जा रही थी। मुजफ्फरपुर के कांटी स्थित कपरपुरा रेलवे गुमटी संख्या-107 को महीनों बाद फिर से खोल दिया गया, लेकिन इसका श्रेय लेने को लेकर राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। गुमटी खुलने के कार्यक्रम के दौरान वैशाली सांसद वीणा देवी की मौजूदगी में कांटी के जदयू विधायक अजीत कुमार और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिलाध्यक्ष चुलबुल शाही के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों नेताओं के बीच हुई नोकझोंक का वीडियो भी सामने आया है। पहले विधायक- जिलाध्यक्ष के बीच नोकझोंक की कुछ तस्वीरें देखिए दरअसरल मामला शनिवार दोपहर का है। कपरपुरा रेलवे गुमटी को औपचारिक रूप से खोले जाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। लंबे समय से बंद इस रेलवे गुमटी के खुलने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल था। इसका श्रेय लेने के लिए दो नेता आपस में भिड़ गए। जिलाध्यक्ष ने सांसद वीणा देवी से कहा कि आप आगे आई। आप जनकप्रतिनिधि हैं। बाकि सब अल्लू झल्लू है। इस पर जदयू विधायक भी गुस्सा में आ गए। उन्होंने कहा कि मेरे कारण ही तुम आज यहां खड़े हो। इस पर चिराग की पार्टी के जिलाध्यक्ष ने कहा कि, चल ना तू अपना काम कर। जदयू विधायक और नाराज हो गए। इस पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि, तुम ज्यादा हल्ला करेगा। ये सब सांसद वीणा देवी की मौजूदगी में होता रहा। वहां मौजूद लोगों ने जदयू विधायक और चिराग की पार्टी की जिलाध्यक्ष को समझा-बुझाकर मामला शांत करवाया। अब समझिए विवाद शुरू कैसे हुआ लोजपा (रामविलास) के जिलाध्यक्ष चुलबुल शाही ने कहा कि कपरपुरा रेलवे गुमटी को खुलवाने के लिए लंबे समय से आंदोलन चल रहा था। उन्होंने दावा किया कि वैशाली सांसद वीणा देवी ने कई बार रेल मंत्री और रेलवे अधिकारियों से बातचीत की थी, जिसके बाद रेलवे ने गुमटी खोलने का निर्णय लिया। चुलबुल शाही के अनुसार, शनिवार को समस्तीपुर मंडल के अधिकारियों की ओर से गुमटी खोलने की स्वीकृति मिलने के बाद उद्घाटन का समय तय किया गया था। उनका आरोप है कि कार्यक्रम में विधायक अजीत कुमार ने सांसद की मौजूदगी पर सवाल उठाया और कहा कि उनके क्षेत्र में आने से पहले उन्हें सूचना दी जानी चाहिए थी। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। विधायक अजीत कुमार ने भी रखा पक्ष वहीं, कांटी विधायक अजीत कुमार ने कहा कि, कपरपुरा रेलवे गुमटी को खुलवाने के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए थे और विधानसभा से लेकर रेलवे के विभिन्न स्तरों तक इस मुद्दे को उठाया था। कार्यक्रम में उन्होंने केवल इतना कहा था कि क्षेत्र से जुड़े किसी कार्यक्रम में आने से पहले जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय होना चाहिए। इसी दौरान कुछ लोग अनावश्यक रूप से उनसे उलझ गए, जिसके कारण विवाद की स्थिति बनी। 22 फरवरी से बंद थी रेलवे गुमटी गौरतलब है कि रेलवे द्वारा अंडरपास निर्माण कार्य को लेकर कपरपुरा रेलवे गुमटी को 22 फरवरी की मध्यरात्रि से बंद कर दिया गया था। गुमटी बंद होने के बाद कांटी और आसपास के दर्जनों गांवों का सीधा संपर्क प्रभावित हो गया था। स्थानीय लोगों को बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए 10 से 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी। इसे लेकर लगातार जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की ओर से आंदोलन और मांग उठाई जा रही थी।


