अम्रपाली एक्सप्रेस में चोरी की घटना सामने आई है। सिवान से जालंधर आ रही M3 में सफर कर रहे एक परिवार के साथ चलती ट्रेन में लाखों की चोरी का मामला सामने आया है। पीड़ित ईश्वर दयाल सिंह और उनके परिवार का आरोप है कि IRCTC के स्टाफ ने उनकी सीट पर जबरन अपना सामान रखा और उसमें ‘गन’ होने की बात कहकर डराया। पीड़ित परिवार का दावा है कि सफर के दौरान स्टाफ की संदिग्ध हरकतों के बीच महिलाओं के पास मौजूद करीब 24 तोले सोना और 20 हजार रुपये की नकदी चोरी हो गई। जालंधर पहुंचने पर चोरी का पता चलने के बाद पीड़ित परिवार ने जालंधर रेलवे स्टेशन के जीआरपी (GRP) थाने में शिकायत दर्ज कराई है और ट्रेन की सीसीटीवी फुटेज जांचने की मांग की है। पीड़ित ईश्वर दयाल सिंह ने बताया कि वह अपने परिवार की महिलाओं और बच्चों के साथ सिवान से जालंधर आ रहे थे। ट्रेन के बोगी नंबर M3 में सफर के दौरान IRCTC के स्टाफ ने उनकी सीट के पास कुछ सामान रख दिया।
जब परिवार ने इस पर आपत्ति जताई, तो स्टाफ ने साफ तौर पर कहा कि इस सामान में ‘गन’ (बंदूक) है, इसलिए इसे कोई हाथ मत लगाना। इस बात से परिवार के लोग डर गए। बार-बार चाय ऑफर करना और लाइट बंद करना पीड़ित परिवार के अनुसार, सफर के दौरान स्टाफ का रवैया बेहद अजीब था। वे बार-बार परिवार को महज 5 रुपये की चाय ऑफर कर रहे थे, जिससे ऐसा लगता है कि वे उनका ध्यान भटकाना चाहते थे। हद तो तब हो गई जब रात के करीब 10 बजे स्टाफ के द्वारा बोगी की लाइट बंद कर दी गई। इसके बाद भी आईआरटीसी का स्टाफ पूरी रात पीड़ित परिवार की सीट पर रखे अपने सामान को चेक करने के बहाने बार-बार वहां चक्कर काटता रहा। घर पहुंचकर खुला राज, बहन के गहने भी गायब जब यह परिवार जालंधर के संजय गांधी नगर स्थित अपने घर पहुंचा, तो वहां हड़कंप मच गया। घर की महिलाओं ने जब अपना बैग खोला, तो उसमें रखे सोने के गहने और 20 हजार रुपये की नकदी गायब थी। चोरी की भनक लगते ही उन्होंने अपनी बहन को फोन किया, जो उसी सफर में उनके साथ थीं। जब बहन ने अपना सामान चेक किया, तो पता चला कि उनके बैग से भी गहने गायब हो चुके थे। परिवार के मुताबिक कुल मिलाकर लगभग 24 तोले सोना चोरी हुआ है। जीआरपी थाने में की शिकायत इस वारदात के बाद पूरा परिवार सहमा हुआ है और न्याय के लिए जालंधर रेलवे स्टेशन के जीआरपी (GRP) थाने पहुंचा है। परिवार ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर आईआरटीसी के दोषी स्टाफ पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि अगर ट्रेन की सीसीटीवी फुटेज और उस रात ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की सही से जांच की जाए, तो पूरा सच सामने आ जाएगा और उनके जीवनभर की कमाई वापस मिल सकेगी।


