राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े का माउंट आबू ग्रीष्मकालीन प्रवास स्थगित, जल्द ही घोषित होगी नई तिथि!

राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े का माउंट आबू ग्रीष्मकालीन प्रवास स्थगित, जल्द ही घोषित होगी नई तिथि!

सिरोही: पर्यटन स्थल माउंट आबू में प्रस्तावित राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे का ग्रीष्मकालीन प्रवास आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। राज्यपाल का 17 मई को माउंट आबू आगमन प्रस्तावित था, जिसके मद्देनजर राजभवन में तैयारियां अंतिम चरण में चल रही थीं। हालांकि अपरिहार्य कारणों से उनका दौरा फिलहाल टाल दिया गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही नई तिथि घोषित की जा सकती है।

राज्यपाल के आगमन को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे हुए थे। राजभवन परिसर में मरम्मत, रंगाई-पुताई और अन्य कार्य तेज गति से चल रहे थे। लोक निर्माण विभाग की ओर से राजभवन में रंगाई-पुताई, पानी की टंकियों की सफाई, लकड़ी के कार्यों पर वार्निश, बिजली तारों को व्यवस्थित करने, नई सेनेटरी लाइन बिछाने, छत की मरम्मत, नालियों की सफाई और सर्वेंट क्वार्टरों को व्यवस्थित करने जैसे कार्य किए जा रहे थे। इसके अलावा सुरक्षा दीवार को मजबूत करने, उद्यानों को जोड़ने वाली पगडंडियों का दुरुस्तीकरण तथा खेल गतिविधियों वाले स्थानों को भी संवारा जा रहा था।

Raj Bhavan of Mount Abu
सिरोही. माउंट आबू का राजभवन

पहले भी टल चुका है प्रवास कार्यक्रम

राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े अपने कार्यकाल में दूसरी बार माउंट आबू आने वाले थे। इससे पहले वे 26 सितंबर को एक दिवसीय प्रवास पर माउंट आबू आए थे। वहीं गत वर्ष 27 मई से 4 जून तक प्रस्तावित उनका ग्रीष्मकालीन प्रवास भी किन्हीं कारणों से स्थगित हो गया था।

राज्यपाल के पूर्व दौरों के प्रमुख कार्यक्रम

वे पूर्व में अबू रोड (शांतवन) स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान के वैश्विक मुख्यालय का दौरा कर चुके हैं, जहां उन्होंने राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन का उद्घाटन किया था। उन्होंने प्रसिद्ध नक्की झील के किनारे आयोजित सांस्कृतिक उत्सव में पारंपरिक राजस्थानी लोक कलाकारों से मुलाकात की थी और ‘पधारो म्हारे देस’ गीतों का आनंद लिया था। उन्होनें गीतों को पूरी तन्मयता से सुनते हुए राजस्थानी लोक संगीत की सराहना की एवं लोक कलाकारों का उत्साहवर्धन भी किया था।

राज्यपाल का काफिले में कटौती का फैसला

हाल ही में प्रधानमंत्री की अपील को देखते हुए राजस्थान के राज्यपाल ने ईंधन संरक्षण पर पहल की और यात्राओं के दौरान अपने आधिकारिक काफिले के साथ वार्निंग कार, एंबुलेंस फायर ब्रिगेड और दूसरे वाहनों का उपयोग करने से मना कर दिया। इस सम्बन्ध में उनके निर्देश पर आदेश भी जारी किया गया है।

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