अम्बेडकरनगर के अकबरपुर थाने के चार मासूमों की हत्या का सनसनीखेज मामला अब सिर्फ एक जघन्य अपराध नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल बन गया है। महज 24 घंटे के भीतर पूरी कहानी उलटती नजर आ रही। जिस मां गाजिया खातून को पुलिस ने हत्यारोपी बताकर तलाश शुरू की, वही महिला अब खुद संदिग्ध हालात में मृत मिली है। बता दे कि बीते शनिवार को मुरादाबाद मोहल्ले के एक बंद कमरे में चार बच्चों के खून से लथपथ शव मिलने के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मां को ही कातिल घोषित कर दिया। बिना ठोस फॉरेंसिक पुष्टि के यह मान लिया गया कि उसने बच्चों को पहले जहर दिया और फिर ईंट से कूचकर हत्या की। फोटो जारी हुई, तलाश शुरू हुई और कहानी लगभग तय कर दी गई, लेकिन रविवार को जो सामने आया, उसने पूरे घटनाक्रम की नींव हिला दी। घर से महज 100 मीटर दूर नाले के किनारे उसी महिला का शव मिला। शरीर पर चोट के निशान, हालात संदिग्ध। अब सवाल यह है कि क्या पुलिस ने जिस पर उंगली उठाई, वह खुद ही किसी साजिश का शिकार थी। यह मामला अब तीन बड़े सवालों में सिमट गया है क्या मां ही कातिल थी और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। क्या वह निर्दोष थी और असली कातिल अब भी बाहर है। या फिर पूरी घटना के पीछे कोई गहरी साजिश है, जिसे समझने में पुलिस चूक गई। स्थानीय लोगों में आक्रोश है कि पुलिस ने पहले ही दिन निष्कर्ष निकालकर जांच की दिशा तय कर दी, जिससे अहम सबूत नजरंदाज होते गए। अब जब कहानी पलट चुकी है, तो वही पुलिस हर एंगल से दोबारा जांच की बात कर रही है। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, घटनास्थल और आसपास के इलाकों को फिर से खंगाला जा रहा है। इस बीच सऊदी अरब में रह रहा पति सोमवार तक पहुंच सकता है। उसके बयान से पारिवारिक हालात, रिश्तों और संभावित वजहों पर नई रोशनी पड़ सकती है।


