Vaibhav Sooryavanshi interview: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) की तरफ से खेलते हुए अपने बल्ले से तबाही मचाने वाले 15 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने पूरी दुनिया को अपना दीवाना बना दिया है। मैदान पर बड़े-बड़े गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाले वैभव असल जिंदगी में अभी भी एक मासूम बच्चे ही हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में जब उनसे उनकी निजी जिंदगी, पसंद और क्रिकेट के सफर पर सवाल पूछे गए, तो उन्होंने कई दिलचस्प खुलासे किए।
आज भी रिलैक्स होने के लिए देखते हैं कार्टून
जब वैभव से पूछा गया कि उनका पसंदीदा खाना क्या है, तो उन्होंने बहुत मासूमियत से मुस्कुराते हुए कहा, ‘मैं सब कुछ खाता हूं, घर का बना हुआ सब खाता हूं। लेकिन अगर सबसे ज्यादा अच्छे की बात करें, तो मेरा चीट मील आइसक्रीम है।’ इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि वह खाली समय में खुद को रिलैक्स करने के लिए क्या करते हैं, तो उन्होंने हंसते हुए बताया, ‘जब मैं घर में खाने बैठता था, तो खाने के साथ कार्टून देखता था। अभी भी बिल्कुल वैसा ही है। जब मुझे लगता है कि मुझे रिलैक्स चाहिए, थोड़ा सुकून चाहिए, तो मैं अपने रूम में अकेले बैठकर कार्टून देखता हूं। कार्टून देखकर बहुत अच्छा लगता है, घर की भी याद आती है और इसे देखकर मालूम होता है कि हां, मैं अभी भी छोटा ही हूं।’
हर बॉल पर छक्का मारने का क्या है राज?
जब इस युवा बल्लेबाज से सवाल किया गया कि वह हर बॉल पर इतनी आसानी से छक्का कैसे मार लेते हैं, तो वैभव ने जवाब दिया, ‘मैं बचपन से इसी चीज की प्रैक्टिस कर रहा हूं। मैदान पर भी वही करता हूं और आगे भी यही करता रहूंगा। मेरा सपना अपनी टीम और इंडिया के लिए अच्छा करना है और अपने भारत देश को रिप्रेजेंट करना है।’
‘निजी रिकॉर्ड से बड़ी है टीम की जीत’
वैभव ने आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ सिर्फ 29 गेंदों में 97 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। हालांकि, वह अपने शतक से सिर्फ 3 रन दूर रह गए, लेकिन उन्हें इसका कोई मलाल नहीं है। अपनी टीम-फर्स्ट वाली सोच का श्रेय अपने पिता को देते हुए वैभव ने ‘जियो हॉटस्टार’ से कहा, ‘बचपन से ही पिता ने मुझसे हमेशा कहा है कि अगर आप 100, 200 या 300 रन भी बना लो, लेकिन आपकी वजह से टीम न जीते, तो उन रनों की कोई अहमियत नहीं रहती। वे रन सिर्फ आपके निजी रिकॉर्ड के लिए हो सकते हैं, लेकिन उनसे टीम को कोई फायदा नहीं होता। अगर मैं 100 के बजाय 80 रन बनाता हूं और मेरी टीम जीत जाती है, तो मेरे लिए वे 80 रन, उन 100 रनों से कहीं ज्यादा मायने रखते हैं।’
वैभव ने यह भी बताया कि आईसीसी मेंस अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की ऐतिहासिक जीत के ठीक एक दिन बाद ही वह मैदान पर प्रैक्टिस के लिए लौट आए थे। उन्होंने कहा, ‘यह सब मेरे पिता के अनुशासन की वजह से है। उन्होंने बचपन से मुझसे इतनी प्रैक्टिस करवाई है कि अगर मैं एक दिन भी प्रैक्टिस न करूं, तो ऐसा लगता है जैसे मेरी जिंदगी थोड़ी धीमी पड़ गई हो। मुझे बहुत लंबे ब्रेक की जरूरत नहीं पड़ती।’ उन्होंने बताया कि वनडे फॉर्मेट से आईपीएल के टी20 फॉर्मेट में ढलने के लिए इतनी जल्दी ट्रेनिंग पर लौटना जरूरी था।



