DK Shivakumar: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद के रूप में शपथ लेंगे। शपथ समारोह की तैयारियां पूरी हो चुकी है। पिछले कुछ दिनों कर्नाटक कैबिनेट को लेकर दिल्ली में आला कमान के साथ शिवकुमार और सिद्धारमैया के साथ बैठकों का दौर चल रहा है।
शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि कर्नाटक के सर्वोच्च राजनीतिक पद पर सेवा करने का अवसर देरी से मिला है, लेकिन इससे वंचित नहीं किया गया है और वे राज्य को आगे ले जाने की यात्रा में समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का प्रयास करेंगे।
समर्पण और मेहनत से हासिल किया ये मुकाम
शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने समर्पण और कड़ी मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कठिन और परेशानी भरे समय के बारे में भी बात की, जाहिर तौर पर उनका इशारा उनकी पदोन्नति को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों की ओर था।
‘देरी हुई है, लेकिन इसे नकारा नहीं जा सकता’
शिवकुमार ने कहा कि यह कोई सपना नहीं था। यह समर्पण था। कड़ी मेहनत के साथ किया गया समर्पण। इसलिए यह एक कठिन और चुनौतीपूर्ण समय था। हालांकि इसमें देरी हुई है, लेकिन इसे नकारा नहीं जा सकता। मुझे लगता है कि यहां कोई शिवकुमार नहीं है। यह एक कांग्रेस कार्यकर्ता है, जो कांग्रेस पार्टी के इतिहास के साथ इस लोकतांत्रिक व्यवस्था पर खड़ा रहा है।
‘मैं जानता हूं कि आगे का रास्ता आसान नहीं होगा’
शिवकुमार ने कहा कि इस देश की जनता ने मुझ पर जो विश्वास और भरोसा दिखाया है, उसके लिए मैं उनका बहुत आभारी हूँ। मुझे बहुत कड़ी मेहनत करनी है और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना है। मैं जानता हूं कि आगे का रास्ता आसान नहीं होगा। समय मुश्किल भरा हो सकता है, लेकिन फिर भी मुझे स्थितियों को संभालना होगा।
‘कर्नाटक की जनता को मुझ पर भरोसा’
मुझे उम्मीद है कि कर्नाटक की जनता को मुझ पर भरोसा है। मुझे अपना काम करना है। मैं पूरी ईमानदारी और पूरी लगन के साथ अपना काम करूंगा। मैं कर्नाटक को एक नया रूप दूंगा, क्योंकि आज पूरी दुनिया बेंगलुरु और कर्नाटक के नजरिए से ही भारत को देख रही है। मुझे समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना होगा—किसानों से लेकर महिलाओं और युवाओं तक को-और इस तरह एक नए ‘युवा युग’ की शुरुआत होगी।
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद नेतृत्व परिवर्तन हो रहा है। कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल का आधा समय पूरा होने के बाद से ही राज्य में नेतृत्व परिवर्तन और शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री पद से पदोन्नत किए जाने की अटकलें बार-बार लगाई जा रही थीं।
शनिवार को चुने गए विधायक दल के नेता
बता दें कि सिद्धारमैया ने पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद शिवकुमार के पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हुआ। शनिवार को उन्हें कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया। शिवकुमार ने कांग्रेस नेतृत्व द्वारा उन्हें दिए गए अवसरों के बारे में भी बात की और कहा कि गांधी-नेहरू परिवार के प्रति वफादार रहना उनका कर्तव्य है।


