मेट्रोपॉलिटन:दायरा बढ़ता गया, इंदौर पीछे होता गया

मेट्रोपॉलिटन:दायरा बढ़ता गया, इंदौर पीछे होता गया

बड़े आयोजनों की मेजबानी देना हो या कोई प्रयोग करना हो तो इंदौर को आगे कर दिया जाता है। लेकिन जब मेट्रोपॉलिटन बनाने की आई तो इंदौर को पीछे कर दिया गया। शुरुआत 2024 में ही हो गई थी। तब एमपीआईडीसी ने जो प्रारं​भिक प्रस्ताव बनाया था, उसमें ही इसका नाम अवंतिका जुड़ गया था। बाद में इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (आईएमआर) नाम का प्रस्ताव आया। फिर एरिया बढ़ा तो उज्जैन की एंट्री हुई और आईयूएमआर हो गया। अब पांचवी बार में फाइनल प्रस्ताव हुआ, उससे पहले नाम बदलकर उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (यूआईएमआर) कर दिया। शहर चिंतकों ने इसे लेकर शुक्रवार को आक्रोश जताया। हालांकि जनप्रतिनिधियों ने इसे लेकर अब तक एक शब्द भी नहीं कहा है। पहला प्रस्ताव भी अवंतिका नाम से ही बना था… फिर आईएमआर, आईयूएमआर और अब… यूआईएमआर
अवंतिका कमर्शियल एंड इंडस्ट्रियल साल 2024 में इंदौर-उज्जैन-देवास को जोड़कर अवंतिका कमर्शियल एंड इंडस्ट्रियल सिटी प्लान बना। एरिया था 35 हजार हेक्टेयर। आईएमआर में 8676.6 वर्ग किमी इसमें इंदौर, उज्जैन, देवास और धार शामिल किया। इंदौर 100 % और उज्जैन 12.78% ही लिया था। यह 8676.6 वर्ग किमी क्षेत्र था। 52 लाख आबादी के लिए। शाजापुर को भी शामिल किया
यह 9337.51 किमी का बना। इसमें इंदौर, देवास, उज्जैन, धार के साथ मक्सी के कुछ हिस्सें के कारण शाजापुर को जोड़ा। इसमें भी इंदौर का 100% हिस्सा था।
रतलाम जोड़ा, क्षेत्र 14550 हुआ ‘इंदौर का नया दौर’ नाम से सीएम ने इंदौर में बैठक ली। इसमें नाम दिया इंदौर-उज्जैन महानगरीय क्षेत्र। रतलाम जोड़ा, एरिया बढ़ाकर 14550.29 वर्ग किमी किया।
अब UIMR, क्षेत्र 16087 किमी
फाइनल प्लान में एरिया 16087 वर्ग किमी किया है। नोटिफिकेशन का प्रस्ताव भी भेज दिया। सरकारी स्तर पर ही आईयूएमआर से यूआईएमआर नाम कर दिया। कई बार छला गया है इंदौर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट शुरुआत 2007 में खजुराहो से। 2023 तक इंदौर में हुई। 2025 में भोपाल शिफ्ट। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट भौगोलिक-लॉजिस्टिक के लिहाज से इंदौर से लगे चापड़ा में बनना था। प्रोजेक्ट बंद। जीएसटी ट्रिब्यूनल : 2019 में जीएसटी काउंसिल में इंदौर का नाम था। 2023 में भोपाल में खोला गया। डिजिटल प्रदर्शनी: 2023 में इंदौर में प्रवासी भारती समिट की डिजिटल प्रदर्शनी राजवाड़ा पर होनी थी। भोपाल शिफ्ट। डीएमआईसी भी बांटा: इंदौर आसपास को दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में चुना था। यह भी बिखर गया। रेरा मुख्यालय: प्रदेश का सबसे बड़ा रीयल इस्टेट कारोबार इंदौर में है। रेरा का मुख्यालय भोपाल रखा।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *