महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बेतिया नगर निगम के नव अधिग्रहित क्षेत्र के वार्ड संख्या 41 स्थित सनसरैया में सामुदायिक शौचालय का निरीक्षण किया। यह शौचालय कमजोर वर्ग एवं दलित बस्ती के समीप 10.70 लाख रुपये की लागत से निर्मित हो रहा है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया, साथ ही संबंधित अधिकारियों व ठेकेदारों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सामुदायिक शौचालयों को बताया बुनियादी सुविधा इस अवसर पर महापौर ने सामुदायिक शौचालयों को समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधा बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल स्वच्छता सुनिश्चित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि सामाजिक गरिमा, महिलाओं की सुरक्षा और समानता का भी प्रतीक है। श्रीमती सिकारिया ने स्पष्ट किया कि दलित और कमजोर वर्ग के लोगों को ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकता है। इसका उद्देश्य सभी वर्गों को मूलभूत सुविधाओं का समान लाभ दिलाना है। उन्होंने बताया कि यह योजना स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के प्रावधानों के तहत उनकी पहल पर नगर निगम द्वारा पारित की गई है। 3 माह में काम पूरा करने का दिया निर्दश महापौर ने निर्देश दिए कि जारी कार्यादेश के अनुसार, इस निर्माण कार्य को पूरी गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप अगले तीन माह के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी स्वीकार्य नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, महापौर ने स्थानीय लोगों से इस विकास कार्य की निगरानी में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि जनसहभागिता से ही योजनाओं का सही क्रियान्वयन संभव हो पाता है। निरीक्षण के दौरान नगर निगम के अन्य अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बेतिया नगर निगम के नव अधिग्रहित क्षेत्र के वार्ड संख्या 41 स्थित सनसरैया में सामुदायिक शौचालय का निरीक्षण किया। यह शौचालय कमजोर वर्ग एवं दलित बस्ती के समीप 10.70 लाख रुपये की लागत से निर्मित हो रहा है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया, साथ ही संबंधित अधिकारियों व ठेकेदारों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सामुदायिक शौचालयों को बताया बुनियादी सुविधा इस अवसर पर महापौर ने सामुदायिक शौचालयों को समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधा बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल स्वच्छता सुनिश्चित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि सामाजिक गरिमा, महिलाओं की सुरक्षा और समानता का भी प्रतीक है। श्रीमती सिकारिया ने स्पष्ट किया कि दलित और कमजोर वर्ग के लोगों को ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकता है। इसका उद्देश्य सभी वर्गों को मूलभूत सुविधाओं का समान लाभ दिलाना है। उन्होंने बताया कि यह योजना स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के प्रावधानों के तहत उनकी पहल पर नगर निगम द्वारा पारित की गई है। 3 माह में काम पूरा करने का दिया निर्दश महापौर ने निर्देश दिए कि जारी कार्यादेश के अनुसार, इस निर्माण कार्य को पूरी गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप अगले तीन माह के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी स्वीकार्य नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, महापौर ने स्थानीय लोगों से इस विकास कार्य की निगरानी में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि जनसहभागिता से ही योजनाओं का सही क्रियान्वयन संभव हो पाता है। निरीक्षण के दौरान नगर निगम के अन्य अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।


