9 दिनों की लंबी खींचतान के बाद तय हो गया कि आईटीबीपी जवान की मां के कटे हाथ की जांच मेडिकल कॉलेज में की जाएगी। मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग में पुलिस ने कटा हाथ जमा करा दिया है। जांच रिपोर्ट आने में करीब एक माह का वक्त लगने की बात डॉक्टर कह रहे हैं। 13 मई को तबीयत बिगड़ने पर भर्ती कराया था महाराजपुर आईटीबीपी 32वीं वाहिनी में तैनात जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी की 13 मई को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। सांस लेने में तकलीफ के साथ ही उन्हें हार्ट की भी समस्या थी। विकास ने मां को टाटमिल स्थित कृष्णा हास्पिटल में भर्ती कराया जहां 14 मई की शाम तक वह भर्ती रहीं। इस दौरान उनके स्वास्थ्य में तो सुधार आया लेकिन दाहिना हाथ काला पड़ने लगा। 14 की ही शाम विकास मां को पारस हास्पिटल ले गए जहां 17 मई को उनकी मां का हाथ काटना पड़ा। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के संज्ञान लेने के बाद मामले में 19 मई को एफआईआर दर्ज की गई। दूसरे दिन 20 मई को सीएमओ हरिदत्त नेमी के निर्देश के बाद विकास ने मां का कटा हाथ पुलिस को सौंप दिया था। सीएमओ ने कटा हाथ सुरक्षित कर हिस्टोपैथोलॉजी जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा। पिछले 9 दिनों से पुलिस मेडिकल कॉलेज जा रही थी, लेकिन हर बार टरकाया जा रहा था। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग में कटा हाथ जमा करा दिया गया है। कटे हाथ की हिस्टोपैथोलॉजी जांच ही होगी। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. लुबना खान ने बताया कि सीएमओ फोरेंसिक पैथोलॉजी जांच की बात कह रहे थे। मेडिकल कॉलेज में इस जांच की सुविधा नहीं है। सामान्य हिस्टोपैथोलॉजी जांच के लिए हाथ जमा करा लिया गया है। जांच में करीब 20 दिन से एक माह तक का वक्त लग सकता है। जांच के बाद हाथ पुलिस को सौंप दिया जाएगा।


