बारिश से पूरे शहर में हुए जलभराव ने नगर निगम की आंखें खोल दी। नाला सफाई अभियान के नाम पर की जा रही खानापूर्ति भी सबके सामने आ गई। इस पर नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य मंगलवार को एक्शन मोड में दिखे। न सिर्फ शहर के प्रमुख नालों का निरीक्षण किया बल्कि इससे पहले बैठक कर नाला सफाई अभियान प्रभारी अधिकारी/नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. संजीव शर्मा को फटकार भी लगाई। इन अधिकारियों को लगी फटकार
दरअसल, बैठक के दौरान नाला सफाई को लेकर संतोषजनक कार्ययोजना प्रस्तुत न कर पाने पर नगर आयुक्त ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. संजीव वर्मा तथा जेडएसओ मुख्यालय जितेन्द्र कुमार की कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने दोनों अधिकारियों को नाला सफाई के लिए नई और प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के कारण जहां भी सड़क धंसने आदि की समस्याएं आ रही है वहां हादसे रोकने के लिए बैरीकेडिंग कराई जाए। आगरा में भारी बारिश के दौरान नाला काजीपाड़ा और बिजलीघर क्षेत्र में हुए जलभराव के बाद नगर निगम अब यहां स्थायी समाधान निकालने जा रहा है। बुधवार को नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने अधिकारियों के साथ नाला काजीपाड़ा, नाला मंटोला तथा किले के सामने अमर सिंह गेट से झलकारी बाई चौक तक नालों का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पानी की पाइप लाइन होगी शिफ्ट
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने काजीपाड़ा क्षेत्र में बार-बार होने वाले जलभराव की समस्या को देखते हुए नाला काजीपाड़ा पुलिया के नीचे से गुजर रही पानी की पाइप लाइन को कहीं और शिफ्ट करने तथा उसके बाद नई पुलिया बनाने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया था-पुलिया के नीचे पाइप लाइन होने के कारण बरसाती पानी की निकासी बाधित होती है, जिससे क्षेत्र में जलभराव हो जाता है। समस्या के बाद नहीं, पहले दिखे तैयारी
मानसून के दौरान जलभराव और गंदगी की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम प्रशासन ने तैयारियां और तेज कर दी हैं। नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने नाला सफाई एवं जलभराव की व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक की। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर में कहीं भी जलभराव या गंदगी की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए क्विक रेस्पॉन्स टीमों का गठन किया जाए और उनका रेस्पॉन्स टाइम शून्य रखा जाए।
नगर आयुक्त ने कहा, अक्सर यह देखने में आता है कि समस्या पैदा होने के बाद अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय होते हैं, जबकि मौसम के मिजाज को देखते हुए उन्हें चौबीसों घंटे अलर्ट रहना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि रात में बारिश होती है तो संबंधित कर्मचारी सुबह से ही मौके पर पहुंचकर जलनिकासी और सफाई कार्य शुरू कर दें। 15 जून तक का दिया समय नगर आयुक्त ने कहा, जिन नालों और नालियों पर जाल या अन्य अवरोधक लगे हैं, वहां पहले से कर्मचारियों की तैनाती की जाए ताकि कूड़ा-करकट जमा होने से पानी की निकासी बाधित न हो।
समीक्षा के दौरान नगर आयुक्त ने नाला सफाई कार्यों की प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि 15 जून तक शहर के सभी नालों की तलीझाड़ सफाई हर हाल में पूरी कर ली जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


