बिहार की राजनीति के लिए मंगलवार का दिन काफी हलचल वाला रहा। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और इसके साथ ही सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बिहार की राजनीति में जो बदलाव हुए हैं, उसमें सूर्य ग्रह की अहम भूमिका रही है। सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। सूर्य और शुक्र ग्रह के होरा में नीतीश कुमार का इस्तीफा और सम्राट चौधरी के नाम की घोषणा हुई। ग्रह-गोचरों की यह स्थिति बिहार के नए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य के विकास को नई बुलंदियों पर लेकर जाने वाला है। वैशाख कृष्ण द्वादशी मंगलवार 14 अप्रैल को खरमास की समाप्ति यानि सूर्य का मीन राशि से निकलकर मेष यानि उच्च की राशि में गोचर करने के साथ सूर्य अब उच्चावस्था में आ गए हैं। सूर्य की स्थिति से ही राजयोग या अन्य उच्च योग की गणना की जाती है। मेष संक्रांति पर नीतीश कुमार ने त्यागपत्र दिया मेष संक्रांति पर मंगलवार को शाम 03:15 बजे नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से अपना त्यागपत्र राज्यपाल को सौंपा था। उसके बाद नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा के क्रम में सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया। इस दौरान सिंह लग्न विद्यमान था। ज्योतिष शास्त्र में इस लग्न को सबसे शुभ और उत्तम लग्न माना गया है। सूर्य व शुक्र ग्रह के होरा में नीतीश कुमार का इस्तीफा और सम्राट चौधरी के नाम की घोषणा हुई। उस समय शुभ चौघड़िया मुहूर्त का संयोग था। सूर्य होरा सरकारी कार्यों, नेतृत्व, शक्ति और आत्मविश्वास के लिए शुभ मानी जाती है। वहीं, शुक्र होरा प्रेम, कला, सुख-सुविधा और रचनात्मक कार्यों के लिए उत्तम है। सूर्य की संक्रांति और सूर्य का अंक बना मुख्य आधार ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा ने बताया कि जब सूर्य मेष राशि में होते हैं, तो वे व्यक्ति को नेतृत्व क्षमता, मान-सम्मान, उच्च पद और सरकारी कार्यों में सफलता दिलाते हैं। बिहार के निवर्तमान सरकार भी 145 दिन बाद ही बदली है और नए सरकार में मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा सूर्य के मेष राशि में गोचर पर ही हुआ है। अंक ज्योतिष के अनुसार 145 का कुल जोड़ 10 है और इसका अंक एक है, जो सूर्य का अंक है। अंक ज्योतिष के मुताबिक यह साल भी सूर्य का ही है। बिहार की राजनीति के लिए मंगलवार का दिन काफी हलचल वाला रहा। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और इसके साथ ही सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बिहार की राजनीति में जो बदलाव हुए हैं, उसमें सूर्य ग्रह की अहम भूमिका रही है। सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। सूर्य और शुक्र ग्रह के होरा में नीतीश कुमार का इस्तीफा और सम्राट चौधरी के नाम की घोषणा हुई। ग्रह-गोचरों की यह स्थिति बिहार के नए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य के विकास को नई बुलंदियों पर लेकर जाने वाला है। वैशाख कृष्ण द्वादशी मंगलवार 14 अप्रैल को खरमास की समाप्ति यानि सूर्य का मीन राशि से निकलकर मेष यानि उच्च की राशि में गोचर करने के साथ सूर्य अब उच्चावस्था में आ गए हैं। सूर्य की स्थिति से ही राजयोग या अन्य उच्च योग की गणना की जाती है। मेष संक्रांति पर नीतीश कुमार ने त्यागपत्र दिया मेष संक्रांति पर मंगलवार को शाम 03:15 बजे नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से अपना त्यागपत्र राज्यपाल को सौंपा था। उसके बाद नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा के क्रम में सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया। इस दौरान सिंह लग्न विद्यमान था। ज्योतिष शास्त्र में इस लग्न को सबसे शुभ और उत्तम लग्न माना गया है। सूर्य व शुक्र ग्रह के होरा में नीतीश कुमार का इस्तीफा और सम्राट चौधरी के नाम की घोषणा हुई। उस समय शुभ चौघड़िया मुहूर्त का संयोग था। सूर्य होरा सरकारी कार्यों, नेतृत्व, शक्ति और आत्मविश्वास के लिए शुभ मानी जाती है। वहीं, शुक्र होरा प्रेम, कला, सुख-सुविधा और रचनात्मक कार्यों के लिए उत्तम है। सूर्य की संक्रांति और सूर्य का अंक बना मुख्य आधार ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा ने बताया कि जब सूर्य मेष राशि में होते हैं, तो वे व्यक्ति को नेतृत्व क्षमता, मान-सम्मान, उच्च पद और सरकारी कार्यों में सफलता दिलाते हैं। बिहार के निवर्तमान सरकार भी 145 दिन बाद ही बदली है और नए सरकार में मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा सूर्य के मेष राशि में गोचर पर ही हुआ है। अंक ज्योतिष के अनुसार 145 का कुल जोड़ 10 है और इसका अंक एक है, जो सूर्य का अंक है। अंक ज्योतिष के मुताबिक यह साल भी सूर्य का ही है।


